एसएमयूपीन्यूज, लखनऊ । विधान भवन में 18 से 23 जनवरी तक आयोजित 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों और 62वें सचिवों के सम्मेलन के चलते राजधानी की यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई है। सम्मेलन के मद्देनजर हजरतगंज क्षेत्र में ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया, जिससे शहर के कई प्रमुख मार्गों पर घंटों जाम की स्थिति बनी रही।

हजरतगंज में लागू हुआ डायवर्जन

सम्मेलन के दौरान वीवीआईपी मूवमेंट और सुरक्षा कारणों से हजरतगंज इलाके में कई सड़कों को बंद या एकतरफा कर दिया गया। डायवर्जन लागू होते ही ट्रैफिक का दबाव वैकल्पिक मार्गों पर बढ़ गया, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी।

वैकल्पिक मार्गों पर बढ़ा ट्रैफिक दबाव

हजरतगंज से ट्रैफिक हटने के बाद कैसरबाग, गोलागंज और सिटी स्टेशन रोड पर वाहनों की संख्या अचानक बढ़ गई। गोलागंज से कैसरबाग जाने वाला मार्ग सबसे अधिक प्रभावित रहा, जहां लंबी-लंबी कतारें लग गईं।

कैसरबाग बस अड्डे पर फंसी बसें

जाम का असर कैसरबाग बस अड्डे पर भी दिखा। रोडवेज और निजी बसें लंबे समय तक फंसी रहीं, जिससे यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचने में भारी देरी हुई। कई यात्रियों को बसों से उतरकर पैदल ही आगे बढ़ना पड़ा।

एम्बुलेंस जाम में फंसी, मरीज हुए परेशान

बलरामपुर अस्पताल और सिटी स्टेशन के पास हालात बेहद गंभीर हो गए। यहां कम से कम पांच एम्बुलेंस जाम में फंसी रहीं। मरीजों और उनके परिजनों में अफरा-तफरी मच गई और समय पर इलाज मिलने को लेकर चिंता बढ़ गई।

क्रिश्चियन कॉलेज के पास रेंगता रहा ट्रैफिक

क्रिश्चियन कॉलेज चौराहे के पास ट्रैफिक की रफ्तार बेहद धीमी रही। वाहन चालकों को बार-बार रुकना पड़ा और कई जगह ट्रैफिक पूरी तरह थमा रहा।

वाहन चालकों को करनी पड़ी मशक्कत

लंबे जाम के चलते दफ्तर जाने वाले कर्मचारी, छात्र और व्यापारी सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। लोगों का कहना है कि उन्हें छोटे-छोटे फासलों को तय करने में भी घंटों लग गए।

प्रशासन से बेहतर व्यवस्था की मांग

स्थानीय लोगों और वाहन चालकों ने प्रशासन से मांग की है कि सम्मेलन जैसे बड़े आयोजनों के दौरान ट्रैफिक प्लान पहले से सार्वजनिक किया जाए और वैकल्पिक मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।

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