एसएमयूपीन्यूज, लखनऊ । नए बिजली बिल 2025 को लेकर किसानों, ग्रामीण उपभोक्ताओं और आम जनता में गहरा असंतोष देखने को मिल रहा है। किसान संगठनों और सामाजिक संगठनों का आरोप है कि देश में बिजली उत्पादन और वितरण का पूरा ढांचा जनता की जमीन, संसाधनों और धन से खड़ा किया गया, लेकिन अब उसी व्यवस्था को निजी कंपनियों के हवाले करने की तैयारी की जा रही है।
बिजली संयंत्रों के लिए किसानों की जमीन ली गई
आंदोलनकारियों का कहना है कि बिजली संयंत्रों के लिए किसानों की जमीन ली गई, नदियों के पानी का मुफ्त उपयोग हुआ, बांधों के कारण विस्थापन झेला गया और जंगलों की कटाई कर कोयला निकाला गया। बदले में यह भरोसा दिया गया था कि घरेलू उपभोक्ताओं और किसानों को सस्ती बिजली मिलेगी, जबकि उद्योगों से अधिक दर वसूलकर क्रॉस सब्सिडी के जरिए जनता को राहत दी जाएगी।
हालांकि, नए बिजली बिल 2025 में क्रॉस सब्सिडी खत्म करने, बिजली उत्पादन और आपूर्ति का निजीकरण करने और सभी उपभोक्ताओं से एक समान दर वसूलने का प्रावधान किया गया है। संगठनों का आरोप है कि इससे निजी बिजली कंपनियों के मुनाफे तो बढ़ेंगे, लेकिन आम लोगों पर आर्थिक बोझ कई गुना बढ़ जाएगा।

गरीब उपभोक्ताओं पर थोपे जा रहा बकाया बिल
बयान में यह भी चिंता जताई गई है कि स्मार्ट मीटर और प्रीपेड सिस्टम के जरिए सुबह-शाम अधिक मांग के समय बिजली दरें बढ़ाई जाएंगी। रिचार्ज खत्म होते ही बिजली कटने की व्यवस्था से गरीब और ग्रामीण परिवारों के अंधेरे में डूबने का खतरा बताया गया है।किसान संगठनों ने आरोप लगाया कि गरीब उपभोक्ताओं पर वर्षों पुराने लाखों रुपये के बकाया बिल थोपे जा रहे हैं। जिन घरों का मासिक बिल कुछ सौ रुपये होता था, उनके नाम अब भारी-भरकम बकाया दिखाया जा रहा है।
कनेक्शन काटने की धमकी देकर की जा रही वसूली
कनेक्शन काटने की धमकी देकर वसूली की जा रही है और वसूली एप के नाम पर अतिरिक्त शुल्क लेने का भी आरोप लगाया गया है।संगठनों का कहना है कि पहले से ही महंगे खाद, बीज, बिजली, असुरक्षित फसल मूल्य, एमएसपी पर खरीद की कमी, शिक्षा-स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली और बेरोजगारी से जूझ रहे लोगों पर अब बिजली बिल के जरिए अतिरिक्त आर्थिक दबाव डाला जा रहा है।इन्हीं मुद्दों को लेकर 16 जनवरी को पूरे प्रदेश में तहसील स्तर पर किसानों और उपभोक्ताओं द्वारा धरना-प्रदर्शन किए जाने की घोषणा की गई है।
यह भी पढ़े : डीजीपी राजीव कृष्ण की हाईलेवल मीटिंग, अपराध पर सख्ती और पुलिस सुधारों का रोडमैप तय
यह भी पढ़े : यूपी पुलिस भर्ती 2025: होमगार्ड अभ्यर्थियों को आयु सीमा में 3 वर्ष की छूट
