एसएमयूपीन्यूज, लखनऊ । राजधानी के थाना विकासनगर क्षेत्र में गुरुवार शाम उस वक्त सनसनी फैल गई, जब सेक्टर-एल/अलीगंज सेक्टर-एन वन स्थित एक मकान के तीसरे तल पर बंद कमरे के भीतर गोली चलने की सूचना सामने आई। डायल 112 पर मिली जानकारी के बाद विकासनगर पुलिस मौके पर पहुंची तो दरवाजा अंदर से बंद मिला।
अंदर का मंजर देखकर सभी सन्न रह गए
पुलिस ने जब दरवाजा तोड़ा, तो अंदर का मंजर देखकर सभी सन्न रह गए।कमरे के भीतर तख्त पर 35–36 वर्षीय प्रद्युम्न पाठक उर्फ पीयूष पाठक खून से लथपथ पड़े थे। आनन-फानन में उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मृतक के सिर के दाहिने हिस्से में गोली का निशान मिला है। तख्त के नीचे एक अवैध रिवाल्वर पड़ी थी। मौके से खोखा और जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं।
एसपी तिवारी के मकान के तृतीय तल पर किराए पर रह रहे थे
मृतक की पहचान जौनपुर जिले के मड़ियाहूं थाना क्षेत्र निवासी प्रद्युम्न पाठक के रूप में हुई है, जो पेशे से दवा कारोबारी बताए जा रहे हैं। वह पिछले दो माह से बनारस के एसपी तिवारी के मकान के तृतीय तल पर किराए पर रह रहे थे। उनके साथ रहने वाले रूम पार्टनर दिव्यांशु सिंह प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं।दिव्यांशु के मुताबिक, गुरुवार दोपहर करीब तीन बजे वह किसी काम से गोमतीनगर गए थे। शाम करीब साढ़े पांच बजे लौटने पर उन्होंने दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
डीसीपी पूर्वी और एसीपी गाजीपुर मौके पर पहुंचे
शक होने पर उन्होंने रोशनदान से झांककर देखा तो प्रद्युम्न तख्त पर लेटे दिखाई दिए। बेहोशी की आशंका में उन्होंने रोशनदान से पानी डाला, लेकिन कोई हरकत नहीं हुई। इसके बाद पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी गई।घटना की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी पूर्वी शशांक सिंह और एसीपी गाजीपुर विक्रम सिंह भी मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाकर रिवाल्वर को कब्जे में ले लिया है। प्रारंभिक जांच में मामला गोली मारकर आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है।जांच में चौंकाने वाला खुलासा भी हुआ है। पुलिस के अनुसार, प्रद्युम्न सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर कई लोगों से रुपये ले चुके थे। नौकरी न लगने पर लोग लगातार फोन कर अपना पैसा वापस मांग रहे थे।
प्रद्युम्न के परिवार में पत्नी और एक छोटी बेटी भी है
बताया जा रहा है कि इसी दबाव में वह मानसिक तनाव में थे। यहां तक कि उन्होंने अपने रूम पार्टनर दिव्यांशु से भी दरोगा बनवाने के नाम पर पैसे लिए थे।प्रद्युम्न के परिवार में पत्नी और एक छोटी बेटी है। पुलिस ने परिजनों को सूचना दे दी है। एसीपी गाजीपुर के मुताबिक, यदि परिजन किसी तरह का आरोप लगाते हैं या तहरीर देते हैं तो उसी आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस हर पहलू से मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।
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