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विश्व प्रसिद्ध मूर्तिकार पद्मश्री राम सुतार का निधन, कला जगत में शोक की लहर

एसएमयूपी न्यूज, नोएडा। विश्व विख्यात मूर्तिकार और पद्मश्री से सम्मानित राम सुतार (Ram Sutar) का बुधवार देर रात नोएडा में निधन हो गया। वे अपने सेक्टर 19 स्थित निवास पर अंतिम सांस ली। उनके निधन से भारत और विदेशों में कला, संस्कृति और मूर्तिकारिता के क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।

उन्हें महाराष्ट्र भूषण सम्मान से सम्मानित किया गया था

हाल ही में महाराष्ट्र सरकार द्वारा उन्हें महाराष्ट्र भूषण सम्मान से सम्मानित किया गया था। उनके सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री समेत राज्य सरकार के कई उच्च अधिकारी नोएडा पहुंचे थे। राम सुतार को उनके जीवनकाल में देश-विदेश में कई पुरस्कार और सम्मान प्राप्त हुए।

सबसे प्रसिद्ध रचना 182 मीटर ऊँची स्टैच्यू ऑफ यूनिटी

उनकी सबसे प्रसिद्ध रचना 182 मीटर ऊँची स्टैच्यू ऑफ यूनिटी है, जिसे उन्होंने सरदार वल्लभ भाई पटेल के सम्मान में बनाया था। इसके अलावा महात्मा गांधी, भीमराव अंबेडकर, महाराजा रणजीत सिंह जैसी कई ऐतिहासिक हस्तियों की प्रतिमाएं उनके हाथों से जीवित हुईं।

देश-विदेश के नेता, कलाकार और सामाजिक कार्यकर्ता में शोक

उनके निधन की खबर से देश-विदेश के नेता, कलाकार और सामाजिक कार्यकर्ता शोक व्यक्त कर रहे हैं। उनका अंतिम संस्कार आज नोएडा के सेक्टर 94 स्थित अंतिम निवास पर संपन्न होगा। प्रशासन और पुलिस ने भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी है।

संक्षिप्त जीवन परिचय

राम सुतार का जन्म 19 फरवरी 1925 को महाराष्ट्र के धूलिया जिले के गोन्दुर गांव में हुआ। वे एक साधारण सुतार परिवार से थे। 1953 में उन्होंने मुंबई के जे.जे. स्कूल ऑफ आर्ट से मॉडलिंग में मेयो गोल्ड मेडल प्राप्त किया।1954 से 1958 तक औरंगाबाद में अजन्ता और एलोरा की प्राचीन गुफाओं में मूर्तियों के पुनर्स्थापन (रिस्टोरेशन) का कार्य किया। 1959 में उन्होंने सरकारी नौकरी छोड़कर पूर्णकालिक पेशेवर मूर्तिकार बनना चुना और नोएडा में अपने परिवार के साथ रहने लगे।

प्रमुख रचनाएं

राम सुतार ने न केवल मूर्तियों को आकार दिया, बल्कि भारत के गौरव और सांस्कृतिक स्मृतियों को भी अमर किया। उनकी कुछ उल्लेखनीय रचनाएं इस प्रकार हैं:

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी (182 मीटर, सरदार पटेल)

महात्मा गांधी की ध्यानमग्न मूर्तियां (17 फीट, गांधीनगर)

सरदार वल्लभ भाई पटेल की संसद भवन मूर्ति (18 फीट, नई दिल्ली)

महाराजा रणजीत सिंह की मूर्ति (21 फीट, अमृतसर)

भीमराव अंबेडकर की मूर्ति (9 फीट, जम्मू)

भारत के राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा की आवक्ष प्रतिमा

अयोध्या राम मंदिर में स्थापित राम प्रतिमा

कुरुक्षेत्र ब्रह्मसरोवर में कृष्ण-अर्जुन रथ प्रतिमा

उनका जीवन और कला देशवासियों के लिए प्रेरणा स्रोत रहेगी। राम सुतार ने अपनी मूर्तियों और कला के माध्यम से भारतीय इतिहास और संस्कृति को विश्व स्तर पर गौरवान्वित किया।

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