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यूपी में आतंकी साजिश का पर्दाफाश, अलकायदा समर्थक मोईद को सजा

उत्तर प्रदेश में आतंकी घटनाओं की साजिश रचने और देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने की योजना बनाने वाले अलकायदा से जुड़े आतंकी मोहम्मद मोईद को एनआईए की विशेष अदालत ने दोषी पाते हुए सजा सुनाई है। आरोपी को एनआईए ने अंसार गजवातुल हिंद नामक आतंकी संगठन से जुड़ा पाया था, जो अलकायदा का सहयोगी संगठन है। इस फैसले के साथ एक लंबे समय से चल रही आतंकी साजिश का पर्दाफाश हो गया है।

11 जुलाई 2021 से हुई थी मामले की शुरूआत

मामले की शुरुआत 11 जुलाई 2021 को हुई थी, जब एटीएस के निरीक्षक सुशील कुमार सिंह ने गोमतीनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया था कि कुछ लोग उत्तर प्रदेश में आतंकी घटनाओं को अंजाम देने की साजिश रच रहे हैं। जांच आगे बढ़ने पर मामला राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंपा गया। एनआईए ने 29 जुलाई 2021 को मुकदमा दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू की।

जांच के दौरान खुला पूरा राज

जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा से संचालित अलकायदा नेटवर्क के आतंकी उमर हेलमंडी ने भारत में आतंकी गतिविधियां फैलाने के निर्देश दिए थे। इसी के तहत जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकियों ने लखनऊ के रहने वाले आरोपी मिनहाज से संपर्क किया। मिनहाज ने भारत में अंसार गजवातुल हिंद के लिए नए सदस्यों की भर्ती शुरू की और अपने साथ मुशीरुद्दीन, शकील, मुस्तकीम और मोहम्मद मोईद को जोड़ा।

पुलिस ने पहले चरण में मुशीरुद्दीन व मिनहाज को किया गिरफ्तार

एनआईए की विवेचना में सामने आया कि इन आतंकियों ने भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने के लिए हथियार और विस्फोटक एकत्र किए थे। मिनहाज और मुशीर ने हमले के संभावित स्थानों की भी पहचान की थी। एटीएस ने पहले चरण में मुशीरुद्दीन और मिनहाज को गिरफ्तार कर भारी मात्रा में विस्फोटक और हथियार बरामद किए थे।

साक्ष्यों के आधार पर सुनाई गई सजा

पूछताछ में मिनहाज ने कबूला कि उसने मुस्तकीम को गोला-बारूद इकट्ठा करने का निर्देश दिया था। मुस्तकीम ने इसके लिए मोहम्मद मोईद से संपर्क किया, जिसने उसे एक पिस्टल उपलब्ध कराई थी, जो उसने एजाज नामक व्यक्ति से खरीदी थी। एनआईए ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर ठोस सबूतों के आधार पर चार्जशीट दायर की। अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर मोहम्मद मोईद को आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त पाते हुए सजा सुनाई।

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