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लखनऊ में रिश्तेदारों से मिलने आए आठ पाकिस्तानी नागरिकों की वापसी तेज

लखनऊ । जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकी हमले के बाद पूरे देश की सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। खुफिया एजेंसियों की सक्रियता के बीच लखनऊ में अपने रिश्तेदारों से मिलने आए आठ पाकिस्तानी नागरिक जांच के दायरे में आ गए हैं। इनमें से पांच नागरिक हमले के तुरंत बाद लौट चुके हैं, जबकि तीन की वापसी की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।

ये सभी नागरिक विजिट वीजा पर भारत आए थे

जानकारी के अनुसार ये सभी नागरिक विजिट वीजा पर भारत आए थे और राजधानी में अपने सगे संबंधियों से मिलने रुके हुए थे। पहलगाम की घटना के बाद केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए सभी राज्यों को सतर्कता बढ़ाने और पाकिस्तानी नागरिकों के सत्यापन व निगरानी के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में यूपी पुलिस भी तेजी से कदम उठा रही है। डीजीपी प्रशांत कुमार ने सभी जिलों के पुलिस प्रमुखों को निर्देश दिए हैं कि पाकिस्तानी नागरिकों को तत्काल उनके देश वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू करें। इसके साथ ही लखनऊ पुलिस उन भारतीय नागरिकों पर भी पैनी नजर रख रही है, जिनके पारिवारिक या व्यक्तिगत संबंध पाकिस्तान से हैं।

पुलिस का दावा, आठ पाकिस्तानी को लखनऊ से किया रवाना

हाल ही में केंद्र सरकार के निर्देश पर लोकल इंटेलिजेंस यूनिट ने सभी जिलों में रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों का विस्तृत ब्यौरा इकट्ठा करना शुरू किया है। एजेंसियों को शक है कि बड़ी संख्या में पाकिस्तानी नागरिक नेपाल के रास्ते बिना वीजा भारत में घुसपैठ करते हैं। सीमा हैदर जैसे मामलों ने खुफिया एजेंसियों को चौकन्ना कर दिया है। जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुई घटना के दृष्टिगत भारत सरकार के निर्देश के क्रम में जनपद लखनऊ में आए 08 पाकिस्तानी नागरिकों को पाकिस्तान के लिए रवाना कर दिया गया है। जनपद की लोकल इंटेलिजेंस यूनिट को एक्टिवेट कर अभिसूचना संकलित की जा रही है ।

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बड़ी चिंता: दस्तावेज बनवाकर छिप जाती है पहचान

रिपोर्ट्स के मुताबिक कुछ घुसपैठिए भारतीय दस्तावेज बनवाकर लंबे समय तक भारत में रह रहे हैं। यह आशंका जताई जा रही है कि इनमें से कुछ लोग जासूसी या आतंकी नेटवर्क के लिए सूचनाएं इकट्ठा करने जैसे मकसद से भारत आते हैं। बांग्लादेशी घुसपैठियों की तुलना में संख्या कम जरूर है, लेकिन खतरा उतना ही गंभीर माना जा रहा है। इन सभी मामलों में शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म वीजा पर आए पाकिस्तानी नागरिकों का रजिस्ट्रेशन जिला एसपी के अधीन होता है, जबकि फॉरेन रीजनल रजिस्ट्रेशन आॅफिस इसका केंद्रीकृत डेटा संकलित करता है।

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