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उत्तर प्रदेश में असलहा तस्करी गैंग पर STF का बड़ा वार, चार गिरफ्तार

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एसएमयूपीन्यूज,लखनऊ । उत्तर प्रदेश में असलहा तस्करी करने वाले अंतरराज्यीय गैंग पर एसटीएफ ने बड़ा प्रहार किया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लंबे समय से सक्रिय इस गिरोह के चार बदमाशों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। इनमें से दो बदमाश मुठभेड़ में घायल हुए हैं। आरोपियों के पास से भारी मात्रा में हथियार और कारतूस बरामद हुए हैं, जिससे इनके आपराधिक नेटवर्क की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। गैंग का आपराधिक इतिहास भी खतरनाक है, जिनमें हत्या जैसे संगीन अपराध शामिल हैं।

असलहा तस्करी की एसटीएफ को मिल रही थी सूचना

एसटीएफ, उत्तर प्रदेश को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सक्रिय एक अंतरराज्यीय असलहा तस्कर गिरोह के बारे में जानकारी प्राप्त हुई थी। लगातार मिल रही सूचनाओं के आधार पर एसटीएफ फील्ड यूनिट मेरठ की टीम को सक्रिय किया गया। अपर पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार सिंह के निर्देशन में बनाई गई टीम ने अभियुक्तों की लोकेशन का पता लगाकर बड़ौत (जनपद बागपत) के बावली गांव के जंगल क्षेत्र में घेराबंदी की।

मुखबिर की सूचना पर हुई घेराबंदी, बदमाशों ने की फायरिंग

टीम को सूचना मिली कि असलहा तस्कर बावली क्षेत्र में किसी डील के लिए आने वाले हैं। सूचना मिलते ही एसटीएफ टीम ने स्थानीय पुलिस व स्वॉट टीम की मदद से नहर पटरी पर घेराबंदी कर दी। खुद को घिरा देख बदमाशों ने पुलिस पर जानलेवा फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की।

मुठभेड़ में दो गैंग के सदस्य पैर में गोली लगने से घायल

इस मुठभेड़ में गैंग के दो सदस्य – सन्नी पुत्र भगत (निवासी महमूदपुर, थाना लोनी, गाजियाबाद) और मनीष कसाना उर्फ मनीष पंडित (निवासी महमूदपुर, थाना लोनी, गाजियाबाद) पैर में गोली लगने से घायल हो गए। उन्हें तत्काल उपचार के लिए बड़ौत स्थित सरकारी अस्पताल भेजा गया। वहीं, मौके से दो अन्य अभियुक्तों – अमित कुमार पुत्र श्रीधन सिंह (निवासी कमला नगर, बड़ौत, बागपत) और विनीत पवार पुत्र वेदपाल (निवासी अहेड़ा, बागपत) को पकड़ लिया गया।

असलहे व अन्य सामग्री की बरामदगी

-4 पिस्टल (.32 बोर)

-3 तमंचे (315 बोर)

-2 तमंचे (12 बोर)

-कुल 28 जिन्दा कारतूस (315, 12, और 32 बोर)

-2 मोटरसाइकिल (रॉयल एनफील्ड और स्प्लेंडर)

गिरफ्तार बदमाशों का आपराधिक इतिहास भी संगीन

पूछताछ में सामने आया कि गैंग पहले भी कई गंभीर अपराधों में संलिप्त रहा है। 22 अक्टूबर 2023 को सन्नी व उसके साथी जीतू उर्फ जितेन्द्र (जो अब एनकाउंटर में मारा जा चुका है) ने मिलकर गाजियाबाद में प्रमोद कसाना उर्फ लालू की 6 गोलियां मारकर हत्या की थी। इस मामले में थाना टीला मोड़, गाजियाबाद में मामला दर्ज है। जीतू पर एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित था। 7 जुलाई 2023 को मनीष कसाना ने रतन सिंह नामक व्यक्ति की हत्या की थी। यह मामला थाना बागपत में दर्ज है।

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एसटीएफ की कार्रवाई से बड़ा नेटवर्क बेनकाब

अभियुक्तों ने बताया कि वे ये अवैध असलहे ‘जोगी उर्फ जोगिन्द्र’ नामक व्यक्ति (निवासी अहेड़ा, बागपत) से खरीदते थे। प्रति तमंचा 3 हजार और प्रति पिस्टल 45 हजार में खरीदी जाती थी, जिसे वे आगे प्रति तमंचा 5 हजार और प्रति पिस्टल 55 हजार में बेचते थे। बरामद असलहे भी बेचने के उद्देश्य से ही ले जाए जा रहे थे। यह गिरोह लंबे समय से इस कारोबार में लिप्त था।एसटीएफ की इस कार्रवाई से एक संगठित और खतरनाक असलहा तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है, जो उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि अन्य राज्यों में भी हथियारों की आपूर्ति में सक्रिय था। इस कार्रवाई से कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले गिरोह पर करारा प्रहार हुआ है।