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लखनऊ में स्कूलों के बाहर ट्रैफिक जाम से राहत की पहल, 89 ट्रैफिक मार्शलों को दिया जा रहा विशेष प्रशिक्षण

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में स्कूलों के खुलने और बंद होने के समय लगने वाले ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए यातायात पुलिस ने एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। माननीय उच्च न्यायालय खंडपीठ लखनऊ के आदेश के अनुपालन में पुलिस उपायुक्त (यातायात) कमलेश दीक्षित के निर्देशन में स्कूलों के आसपास यातायात को सुचारु और सुरक्षित बनाने के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जा रहा है।

कुल 89 ट्रैफिक मार्शल भाग ले रहे

इसी क्रम में यातायात पुलिस लाइन में 28 फरवरी 2026 से सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया है। इस कार्यक्रम में शहर के 15 प्रमुख विद्यालयों द्वारा नियुक्त किए गए कुल 89 ट्रैफिक मार्शल भाग ले रहे हैं। इन विद्यालयों में लोरेटो कॉन्वेंट कॉलेज, क्राइस्ट चर्च कॉलेज, सीएमएस (गोमती नगर विस्तार, स्टेशन रोड, विशाल खंड), सेठ एम.आर. जयपुरिया, एलपीएस, ला मार्टिनियर गर्ल्स कॉलेज, एसकेडी एकेडमी, जोसेफ इंटर कॉलेज, सेंट फ्रांसिस कॉलेज, लोरेटो इंटरनेशनल स्कूल, एलपीएस साउथ सिटी और माउंट कार्मल कॉलेज जैसे प्रतिष्ठित संस्थान शामिल हैं।

प्रशिक्षण के दो चरण

ट्रैफिक मार्शलों को प्रभावी तरीके से कार्य करने के लिए प्रशिक्षण को दो हिस्सों में बांटा गया है। पहले चरण में इनडोर क्लास के माध्यम से उन्हें यातायात नियमों, सड़क सुरक्षा मानकों, ट्रैफिक संकेतों और आपात स्थितियों से निपटने की सैद्धांतिक जानकारी दी जा रही है।वहीं दूसरे चरण में आउटडोर या फील्ड प्रशिक्षण के तहत मार्शलों को स्कूलों के आसपास के चौराहों और तिराहों पर ले जाकर व्यावहारिक रूप से यातायात संचालन का अभ्यास कराया जा रहा है, ताकि वे वास्तविक परिस्थितियों में ट्रैफिक को नियंत्रित कर सकें।

स्कूल समय में ही करेंगे ड्यूटी

यातायात पुलिस के अनुसार प्रशिक्षण पूरा होने के बाद ये ट्रैफिक मार्शल अपने-अपने विद्यालयों में स्कूल खुलने और छुट्टी के समय यातायात व्यवस्था संभालेंगे। यह भी स्पष्ट किया गया है कि उनसे इस समय के अलावा कोई अन्य कार्य नहीं लिया जाएगा, जिससे वे थकान के बिना अपने मुख्य कार्य को बेहतर तरीके से कर सकें।

जाम से राहत और सुरक्षा पर जोर

इस पहल का मुख्य उद्देश्य स्कूलों के बाहर वाहनों की भीड़ के कारण लगने वाले जाम को कम करना और छात्रों तथा अभिभावकों के लिए सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करना है। यातायात पुलिस को उम्मीद है कि इस व्यवस्था से स्कूल क्षेत्रों में ट्रैफिक प्रबंधन अधिक व्यवस्थित होगा और सड़क सुरक्षा को भी मजबूती मिलेगी।

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