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फिल्म अभिनेत्री ममता कुलकर्णी पर चढ़ा सनातन का रंग, बनीं महा मंडलेश्वर

महाकुम्भ नगर। महाकुम्भ में हर कोई सनातन और अध्यात्म के रंग में सराबोर है। फिल्मी सितारे भी इसका हिस्सा बन रहे हैं। बॉलीवुड अभिनेत्री ममता कुलकर्णी ने महाकुम्भ आकर संगम में आस्था की डुबकी लगाई और इसके बाद गृहस्थ जीवन का हिस्सा त्याग कर उन्होंने संन्यास ले लिया। ममता कुलकर्णी ने कई बड़ी फिल्मों में एक्टिंग की है।

ग्लैमर से संन्यास जीवन में एंट्री

महा कुम्भ में किन्नर अखाड़े में ममता कुलकर्णी का पहले संन्यास हुआ और फिर उसी अखाड़े में उसे नया नाम मिला माई ममता नंद गिरी। किन्नर अखाड़े ने उनका पिंडदान कराने के बाद उनका पट्टाभिषेक भी उसी समय कर दिया।

किन्नर अखाड़े की महा मंडलेश्वर बनाई गई, संगम में किया पिंड दान

ममता कुलकर्णी शुक्रवार को महाकुम्भ में किन्नर अखाड़ा पहुंची जहां से उन्होंने किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी से मुलाकात कर आशीर्वाद लिया। ममता इसके बाद अखिल भारतीय अखाड़े के अध्यक्ष रविंद्र पुरी से भी मिलीं। ममता साध्वी के कपड़ों में दिखीं।

अब पूरी तरह संन्यास जीवन के साथ नए जिंदगी में प्रवेश कर रही

संन्यास और पट्टाभिषेक के बाद ममता ने कहा कि यह मेरा सौभाग्य होगा कि महाकुम्भ की इस पवित्र बेला में मैं भी साक्षी बन रही हूं। संतों का आशीर्वाद प्राप्त कर रही हूं। मानता का कहना है कि उन्होंने अपने गुरु श्री चैतन्य गगन गिरी से कुपोली आश्रम में 23 साल पूर्व दीक्षा ली थी और अब पूरी तरह संन्यास जीवन के साथ नए जिंदगी में प्रवेश कर रही हैं।

पट्टाभिषेक में भावुक हुईं ममता कुलकर्णी

पट्टाभिषेक में ममता कुलकर्णी को पूरे रीति रिवाज के साथ कर्मकाण्ड कराया गया फिर का उनका अभिषेक करके उन्हें महामंडलेश्वर घोषित किया गया। पट्टाभिषेक के दौरान ममता भावुक हो गई थीं।

साध्वी बनने और महामंडलेश्वर का पद मिलने के बाद उन्होंने अपना अनुभव साझा किया, ममता कुलकर्णी ने बताया कि वो 23 साल से फिल्मी दुनिया से दूर रहकर धार्मिक यात्रा पर थी और एक दिन उन्हें अध्यात्म की शक्ति की अनुभूति महसूस हुई। उसके बाद उन्होंने सनातन धर्म के मार्ग पर चलने का मन बना लिया।

ममता कुलकर्णी ने बॉलीवुड वापसी पर तोड़ी चुप्पी

श्री यामाई ममता नंद गिरि ने आगे यह भी साफ किया कि उन्हें 23 सालों में कोई ऐसी परेशानी नहीं हुई कि, जिससे वो साध्वी बन गई बल्कि उनकी आस्था उन्हें सनातन की ओर खींच ले आयी है। इस मौके पर ममता ने ये भी बता दिया की अब बॉलीवुड में उनकी कभी वापसी नही होंगी बल्कि वो धर्म के रास्ते पर ही आगे बढ़ेंगी। ममता ने इस दौरान कई सवालों का भी जवाब दिया।

महामंडलेश्वर बनने के बाद ममता का पहला लुक

ममता कुलकर्णी को महामंडलेश्वर की ये पदवी किन्नर अखाड़े ने दी है जो साल 2015 में बनाया गया था। वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच उनका सिंदूर और हल्दी से तिलक किया गया। ममता को दूध से स्नान कराया गया।

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