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शाहजहांपुर में छुट्टा जानवर बचाने के चक्कर में कार ट्रक से टकराई, पांच की मौत

लखनऊ । सड़क पर घूमने वाले छुट्टा जानवर से आये दिन सड़क हादसे हो रहे है लेकिन इसकी तरफ पुलिस व प्रशासन द्वारा तनिक भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसी का परिणाम रहा है कि तीन परिवारों की खुशियां पल भर में मातम में बदल गई। हुआ यूं कि बरेली-फर्रुखाबाद स्टेट हाईवे पर मदनापुर क्षेत्र में छुट्टा जानवर को बचाने के प्रयास में कार सामने से आ रहे ट्रक से टकरा गई। हादसे में कार सवार दो बच्चों समेत पांच लोगों की मौत हो गई। पांच घायलों को राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।

शादी में शामिल होने के लिए जा रहे थे दिल्ली

शाहजहांपुर के कांट थाना क्षेत्र के नवादा नगला बनवारी गांव के रियासत अली (40 वर्ष) कपड़ों का कारोबार करते थे। बुधवार रात करीब नौ बजे वह पत्नी आमना बेगम (38 वर्ष), बेटी गुड़िया (6 वर्ष), खुशी (10 वर्ष), बेटा सुबहान (सात वर्ष) के साथ कार से दिल्ली जाने के लिए निकले थे। वहां उन्हें शादी समारोह में शामिल होना था। कार में रियासत के परिवार के अलावा रामपुर के बब्बरपुरी, बाजपुर निवासी दानिश की छह साल की बेटी नूर, उनकी पत्नी गुलफ्शा, एटा के डुडवारागंज निवासी शालू, उनकी पत्नी अन्नू, बेटा अंश भी सवार थे। कार रियासत चला रहे थे।

जैपाल गांव के पास अचानक कार के सामने आ गया छुट्टा जानवर

रात करीब दस बजे बरेली-फर्रुखाबाद मार्ग पर मदनापुर क्षेत्र के बरखेड़ा जैपाल गांव के पास अचानक छुट्टा जानवर सामने आ गया, जिसको बचाने के प्रयास में कार बरेली की ओर से आ रहे ट्रक से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। राहगीरों ने हादसे की सूचना पुलिस को दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को मदनापुर सीएचसी भिजवाया। गंभीर हालत में सभी को राजकीय मेडिकल कॉलेज लाया गया। यहां पर डॉक्टर ने रियासत, आमना बेगम, गुड़िया, अन्नू और नूर को मृत घोषित कर दिया। घायलों का इलाज किया जा रहा है। सभी घायलों की हालत नाजुक बनी हुई। सीओ सदर प्रयांक जैन ने बताया कि हादसे के बाद ट्रक चालक को पकड़ लिया गया है। उधर, हादसे के बाद मृतकों के परिवारों में कोहराम मचा हुआ है।

पल भर में उजड़ गया रियासत का पूरा परिवार

दोस्त की बेटी की शादी में शामिल होने आए रियासत का पूरा परिवार हादसे में उजड़ गया। हादसे का शिकार हुए सभी लोग दिल्ली में ही रहते थे इसी वजह से एक साथ निकले थे। रियासत अली परिवार के साथ दिल्ली में रहकर कपड़ों का कारोबार करते थे। राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंचे रियासत के चाचा शमशेर अली ने बताया कि वह परिवार के साथ दो दिन पहले गांव नवादा नगला बनवारी आए थे। उन्हें 17 दिसंबर को कांट के जमुनिया दौलतपुर गांव में अपने दोस्त शकील की बेटी की शादी में शामिल होना था।

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