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रक्षाबंधन पर भद्रा का साया, गणेशजी या लड्डू गोपाल काे राखी बांधकर कर सकते हैं राखी पूजन

मुरादाबाद। सत्य श्री शिव एवं शनि मंदिर आवास विकास कालोनी सिविल लाइंस के मुख्य पुरोहित पं. कैलाश मुरारी ने बताया कि इस बार 19 अगस्त को रक्षा बंधन के पर्व पर भद्रा का साया है। इसीलिए लोगों में काफी भ्रम की स्थिति बनी हुईं हैं। ऐसे में उन्होंने बहनों के समक्ष बड़ी समस्या उत्पन्न होगी जिन्हें शहर से बाहर अपने भाई के राखी बांधने जाना है।

भद्रा दोपहर 1 बजकर 29 मिनट तक रहेगी

पंडित कैलाश मुरारी ने बताया कि 19 अगस्त को तड़के सुबह 3 बजकर 4 मिनट पर भद्रा प्रारंभ होगी जो उस दिन दोपहर 1 बजकर 29 मिनट तक रहेगी। भद्रा के समय राखी बांधना अशुभ माना जाता है।उन्होंने आगे कहा कि मेरा निजी मत हैं कि रक्षाबंधन के दिन बहनें दैनिक पूजा-अर्चना के बाद गणेश भगवान या लड्डू गोपाल के राखी बांधकर राखी पूजन कर सकती हैं। तब त्यौहार पर भद्रा का दोष नहीं माना जाएगा।

राखी भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक

पंडित कैलाश मुरारी ने आगे बताया कि श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर प्रत्येक वर्ष रक्षाबंधन पर्व मनाया जाता हैं। इस बार सावन की पूर्णिमा 19 अगस्त सोमवार को है इसीलिए उस दिन राखी का त्योहार रक्षाबंधन मनाया जाएगा। राखी भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक है। इस दिन बहनें अपने भाई की रक्षा के लिए उसकी कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती हैं, तिलक लगाती हैं और भाई की लंबी उम्र की कामना करती हैं।

भद्रा भगवान सूर्य की पुत्री और शनिदेव की बहन हैं: पंडित कैलाश

पौराणिक कथा अनुसार भद्रा भगवान सूर्य की पुत्री और शनिदेव की बहन हैं। भविष्य पुराण के अनुसार भद्रा का स्वरूप बेहद भयानक हैं और इनके उग्र स्वभाव के कारण ही ब्रह्माजी ने भद्रा को सृष्टि के काल गणना में एक स्थान दिया है। ब्रह्माजी ने कहा है कि जो व्यक्ति इस कालगणना में कोई शुभ कार्य करेगा तो भद्रा उनको परेशान कर सकती हैं। इसलिए भद्रा में कोई भी शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं।

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