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यक्ष ऐप से मिली बड़ी कामयाबी: जौनपुर में लूट की वारदात का कुछ ही घंटों में खुलासा

लखनऊ । उत्तर प्रदेश पुलिस की तकनीक आधारित पहल “यक्ष ऐप” अपराध नियंत्रण और त्वरित विवेचना में बेहद कारगर साबित हो रही है। पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण के नेतृत्व में विकसित इस ऐप की मदद से जौनपुर पुलिस ने लूट की एक घटना का महज कुछ ही घंटों में सफल अनावरण कर दिया।

“पुलिस मंथन” कार्यक्रम में हुआ था शुभारंभ

यक्ष ऐप का औपचारिक शुभारंभ योगी आदित्यनाथ द्वारा “पुलिस मंथन” कार्यक्रम के दौरान किया गया था। यह ऐप अपराधियों के डिजिटल डाटाबेस, सीसीटीवी कैमरों की लोकेशन और त्वरित विश्लेषण जैसी आधुनिक सुविधाओं से लैस है, जो पुलिस को अपराध सुलझाने में तेज़ी से मदद करता है।

जौनपुर में लूट की घटना का तेजी से खुलासा

11 मार्च 2026 को जौनपुर में लूट और गोली चलने की घटना की सूचना मिली थी। घटना दर्ज होने के बाद पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की और यक्ष ऐप की मदद से तकनीकी विश्लेषण किया।

जांच के दौरान पुलिस ने निम्न प्रमुख कदम उठाए

यक्ष ऐप के जरिए घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की तुरंत पहचान की गई।

फुटेज का विश्लेषण कर संदिग्धों की गतिविधियों और उनके आने-जाने के संभावित रास्तों का पता लगाया गया।

विश्लेषण में तीन थाना क्षेत्रों—केराकत, चंदवक और गौराबादशाहपुर—से अपराधियों के आने की संभावना सामने आई।

ऐप के डिजिटल डाटाबेस से इन क्षेत्रों में पहले लूट व छिनैती में शामिल 232 अपराधियों का रिकॉर्ड निकाला गया।

संदिग्धों के फोटो पीड़ित को दिखाए गए, जिसके आधार पर तीन आरोपियों की पहचान कर ली गई।

तीन घंटे में पहचान, आरोपियों की गिरफ्तारी

घटना रात करीब 9 बजे हुई थी और मात्र तीन घंटे के भीतर आरोपियों की पहचान हो गई। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। साथ ही लूटी गई काली स्प्लेंडर मोटरसाइकिल (UP 62 AW 6194) और पीड़ित का मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया गया।

यक्ष ऐप की प्रमुख खूबियां

राज्यभर के अपराधियों का डिजिटल डाटाबेस

सीसीटीवी कैमरों का स्थान आधारित मानचित्रण

प्रत्येक अपराधी के लिए यूनिक क्रिमिनल आईडी

पहचान के लिए मल्टी-एंगल फोटो रिकॉर्ड

पारंपरिक से डिजिटल पुलिसिंग की ओर कदम

पहले पुलिस को अपराधियों की जानकारी के लिए थानों में रखी विलेज क्राइम नोट बुक (रजिस्टर-08) पर निर्भर रहना पड़ता था। अब यक्ष ऐप के जरिए राज्यभर के अपराधियों का डेटा तुरंत उपलब्ध हो जाता है, जिससे विवेचना की गति और दक्षता दोनों बढ़ गई हैं।

डीजीपी ने पुलिस टीम को दी बधाई

डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा कि जौनपुर की इस घटना का त्वरित खुलासा इस बात का उदाहरण है कि तकनीक पुलिसिंग में “फोर्स मल्टीप्लायर” की तरह काम कर सकती है। उन्होंने वैभव कृष्ण (डीआईजी वाराणसी रेंज) और कुंवर अनुपम सिंह समेत जौनपुर पुलिस टीम को इस सफलता के लिए बधाई दी।

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