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मेटा के अलर्ट से बची युवक की जान, इटावा पुलिस की तत्परता से 15 मिनट में टली आत्महत्या

एसएमयूपीन्यूज, लखनऊ । उत्तर प्रदेश पुलिस और मेटा कंपनी के बीच वर्ष 2022 से लागू सोशल मीडिया मॉनिटरिंग व्यवस्था एक बार फिर जीवन रक्षक साबित हुई। मेटा के अलर्ट पर त्वरित कार्रवाई करते हुए इटावा पुलिस ने मात्र 15 मिनट के भीतर मौके पर पहुंचकर एक युवक की जान बचा ली। यह कार्रवाई न केवल तकनीक के प्रभावी उपयोग का उदाहरण है, बल्कि पुलिस की संवेदनशीलता और तत्परता को भी दर्शाती है।

छात्र ने इंस्टाग्राम पर फोटो के साथ रस्सी दिखाते स्टोरी पोस्ट की थी

दरअसल, 12 दिसंबर 2025 को जनपद इटावा के थाना जसवंतनगर क्षेत्र के निवासी एक 20 वर्षीय बीएससी छात्र ने इंस्टाग्राम पर अपनी फोटो के साथ रस्सी दिखाते हुए स्टोरी पोस्ट की, जिस पर लिखा था— “माफ करना आप सब लोग”। इस पोस्ट को आत्महत्या से संबंधित मानते हुए मेटा कंपनी ने उसी रात 10:16 बजे पुलिस महानिदेशक मुख्यालय स्थित सोशल मीडिया सेंटर को ई-मेल के माध्यम से अलर्ट भेजा।

1720 लोगों की जान बचा चुकी है यूपी पुलिस

उत्तर प्रदेश पुलिस और मेटा कंपनी के बीच चली आ रही इस व्यवस्था के तहत 1 जनवरी 2023 से 10 दिसंबर 2025 के बीच सोशल मीडिया पर आत्महत्या से जुड़े पोस्ट के आधार पर 1720 लोगों के प्राणों की रक्षा की जा चुकी है।

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डीजीपी के निर्देश पर तुरंत हरकत में आई पुलिस

अलर्ट मिलते ही मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई। पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश, श्री राजीव कृष्ण के निर्देश पर तत्काल कार्रवाई करते हुए सोशल मीडिया सेंटर ने पोस्ट में उपलब्ध मोबाइल नंबर के आधार पर युवक की लोकेशन ट्रेस की और पूरी जानकारी जनपद इटावा पुलिस को भेजी।

15 मिनट में युवक तक पहुंची पुलिस

मुख्यालय से मिली सूचना पर थाना जसवंतनगर के थानाध्यक्ष श्री कमल भाटी अपनी टीम के साथ मात्र 15 मिनट के भीतर युवक के घर पहुंचे। परिजनों से पता चला कि युवक घर से बाहर निकल चुका है। इसके बाद पुलिस ने परिजनों के साथ मिलकर तत्काल तलाश शुरू की।तलाश के दौरान युवक जंगल की ओर जाता हुआ दिखाई दिया, जिसके हाथ में रस्सी थी। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए पुलिस ने तुरंत उसे रोका और सुरक्षित अपने कब्जे में लिया।

ब्रेकअप बना आत्मघाती कदम की वजह

पुलिस द्वारा बातचीत और पूछताछ में युवक ने बताया कि गर्लफ्रेंड से ब्रेकअप के कारण वह गहरे मानसिक अवसाद में था और भावनात्मक रूप से टूटकर आत्महत्या करने केी नीयत से जंगल की ओर जा रहा था।

काउंसलिंग से बदला युवक का मन

पुलिस ने न केवल युवक को आत्मघाती कदम उठाने से रोका, बल्कि उसे समझा-बुझाकर काउंसलिंग भी दी। काउंसलिंग के बाद युवक ने भविष्य में ऐसा कोई कदम न उठाने का आश्वासन दिया।


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परिजनों ने जताया आभार

युवक के परिजनों ने उत्तर प्रदेश पुलिस की तत्परता, मानवीय संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया है।यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि तकनीक और संवेदनशील पुलिसिंग के समन्वय से न केवल अपराध, बल्कि जीवन भी बचाए जा सकते हैं।

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