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ऑपरेशन सिंदूर के बाद यूपी में हाई अलर्ट, डीजीपी ने दिए सख्त निर्देश

लखनऊ । भारतीय सेना के “ऑपरेशन सिंदूर” के बाद उत्तर प्रदेश में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर DGP प्रशांत कुमार ने प्रदेशभर की पुलिस इकाइयों को 14 बिंदुओं पर आधारित सख्त सुरक्षा दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इनमें संवेदनशील प्रतिष्ठानों की सुरक्षा, मॉक ड्रिल, सामरिक आवागमन की गोपनीयता, सोशल मीडिया निगरानी, और भारत-नेपाल सीमा पर चौकसी जैसे प्रावधान शामिल हैं। राज्यभर में सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद किया जा रहा है।

DGP ने जारी किए सख्त निर्देश, संवेदनशील क्षेत्रों में बढ़ी निगरानी

भारतीय सेना द्वारा मंगलवार की रात्रि को चलाए गए “ऑपरेशन सिंदूर” के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) प्रशांत कुमार ने सभी जिलों, पुलिस कमिश्नरेट्स और यूनिटों को अलर्ट करते हुए सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। ये निर्देश राज्य के नागरिकों, सामरिक प्रतिष्ठानों और कानून व्यवस्था को अक्षुण्ण बनाए रखने की दृष्टि से जारी किए गए हैं।डीजीपी के 14 बिंदुओं वाले सुरक्षा दिशानिर्देशों में निम्नलिखित अहम प्रावधान शामिल हैं।

महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा सुदृढ़ करें

-सभी Critical Infrastructure और Vital Installations की सुरक्षा व्यवस्था को अपग्रेड किया जाए।

-निगरानी प्रणाली, भौतिक सुरक्षा और परिधि सुरक्षा को तकनीकी रूप से मजबूत किया जाए।

मॉक ड्रिल और आंतरिक सुरक्षा अभ्यास

-सभी इकाइयों द्वारा आंतरिक सुरक्षा योजनाओं के तहत मॉक ड्रिल कराई जाए।

-ब्रीफिंग और डिब्रीफिंग की व्यवस्थित प्रक्रिया अपनाई जाए।

पुलिस परिसरों और साइबर संसाधनों का ऑडिट

-पुलिस लाइन, कार्यालयों और यूनिट्स की सुरक्षा जांच हो।

-संसाधनों का ऑडिट कर कमियों को तत्काल दूर किया जाए।

-पुलिस वेबसाइट, सर्वर और साइबर प्रणाली की सुरक्षा को सशक्त बनाया जाए।

संवेदनशील स्थलों पर प्रवेश नियंत्रण कड़ा हो

-आईडी चेकिंग और सत्यापन अनिवार्य किया जाए।

-अनधिकृत व्यक्तियों की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध लगे।

समन्वय व्यवस्था को सशक्त किया जाए

-सेना, वायुसेना, खुफिया एजेंसियों व नागरिक सुरक्षा इकाइयों से समन्वय सुनिश्चित किया जाए।

-वरिष्ठ अधिकारी समन्वय की जिम्मेदारी लें।

सामरिक आवागमन की गोपनीय सुरक्षा

-सैन्य काफिलों, एटीएफ आपूर्ति और रेलवे पुलों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

-सभी मूवमेंट “Need to Know” आधार पर गोपनीय रखे जाएं।

संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाई जाए

-सांप्रदायिक दृष्टि से संवेदनशील जिलों में पुलिस बल की तैनाती बढ़ाई जाए।

-रिजर्व बलों को तत्पर रखा जाए।

महत्वपूर्ण सेवाओं को विशेष सुरक्षा

-तेल पाइपलाइनों, संचार टावरों, जल आपूर्ति और पावर ग्रिड की सुरक्षा बढ़ाई जाए।

खुफिया निगरानी और विध्वंसक गतिविधियों पर रोक

-संभावित सूचना रिसाव और तोड़फोड़ की घटनाओं पर नजर रखी जाए।

-खुफिया इकाइयों को सक्रिय किया जाए।

सोशल मीडिया पर रखी जाए चौबीस घंटे निगरानी

-साइबर सेल द्वारा अफवाह और भ्रामक सूचना फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

कंट्रोल रूम और मोबाइल वाहन अलर्ट मोड पर

-जिला नियंत्रण कक्ष हाई अलर्ट पर रहें।

-112 वाहन रणनीतिक स्थानों पर तैनात किए जाएं।

नेतृत्व और समन्वय पर विशेष ध्यान

-सभी हितधारकों के साथ उच्चस्तरीय समन्वय किया जाए।

-सभी कर्मियों को पुलिस युद्ध निर्देशों से अवगत कराया जाए।

हवाई अड्डों की सुरक्षा सघन की जाए

-हवाई अड्डों के फनल क्षेत्रों की सुरक्षा जांच की जाए।

-हवाई सुरक्षा एजेंसियों के साथ संयुक्त कार्रवाई हो।

भारत-नेपाल सीमा पर चौकसी

-सीमा पर लगातार गश्त और अन्य सुरक्षा बलों के साथ समन्वय कायम रखा जाए।

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