पिता की हत्या के बाद बहन से लिपटकर फूट-फूटकर रोया अक्षत, थाने में छलक पड़ा दर्द

लखनऊ। राजधानी के आशियाना इलाके में हुई इस दर्दनाक घटना का सबसे मार्मिक दृश्य तब सामने आया, जब पिता की हत्या के आरोप में गिरफ्तार अक्षत ने जेल भेजे जाने से पहले अपनी छोटी बहन कृति से मिलने की इच्छा जताई।पुलिसकर्मी जब कृति को थाने लेकर पहुंचे, तो सामने खड़े भाई को देखते ही वह ठिठक गई। अगले ही पल अक्षत बहन से लिपट गया और फूट-फूटकर रोने लगा। जिस युवक पर अपने ही पिता मानवेंद्र सिंह की हत्या का आरोप है, वही भाई उस पल सिर्फ एक टूट चुका इंसान नजर आ रहा था।
“बहन का ख्याल रखना…”
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अक्षत ने अपने मोबाइल की मांग की, ताकि वह बहन के खाते में कुछ पैसे ट्रांसफर कर सके। उसने बहन से कहा कि उसके खाते में 22 हजार रुपये हैं। उसमें से छह हजार रुपये पैथोलॉजी के एक कर्मचारी को वेतन के रूप में देने हैं, बाकी वह अपने पास रख ले।उसने घर में रखी नकदी के बारे में भी बहन को बताया, ताकि उसे किसी तरह की दिक्कत न हो। यह वही भाई था, जिसने कुछ घंटे पहले परिवार की दुनिया उजाड़ दी थी।
एक बहन, जिसने मां-पिता दोनों खो दिए
कृति पहले ही कम उम्र में अपनी मां को खो चुकी थी। अब पिता की हत्या और भाई के जेल जाने के बाद वह पूरी तरह अकेली पड़ गई है। परिजनों के मुताबिक, वह बेहद गुमसुम है और किसी से ज्यादा बात नहीं कर रही।थाने में भाई से लिपटी कृति की आंखों में सिर्फ सन्नाटा था। शायद वह समझ ही नहीं पा रही थी कि उसके सामने खड़ा भाई अब एक आरोपी है।
जेल में भी बेचैन है अक्षत
पुलिस के अनुसार, न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद भी अक्षत पूरी रात नहीं सो सका। वह बड़बड़ाता रहा और कई बार रो पड़ा। जेल प्रशासन ने उसे अस्पताल में निगरानी में रखा है। काउंसिलिंग भी कराई जा रही है।
उसने कहा कि गुस्से और नशे में उससे यह सब हो गया
पूछताछ में उसने कहा कि गुस्से और नशे में उससे यह सब हो गया। अब उसे अपनी गलती का एहसास है।यह घटना सिर्फ एक आपराधिक वारदात नहीं, बल्कि एक परिवार के बिखरने की कहानी है—जहां एक पल का गुस्सा, वर्षों का तनाव और नशे की हालत ने पिता को छीन लिया, बहन को अनाथ बना दिया और बेटे को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।




