मेरा लाल किसका क्या बिगाड़ गया था, आयुष की अर्थी उठते ही बरगढ़ रो पड़ा
चित्रकूट। बरगढ़ कस्बा शनिवार को खामोश था… ऐसी खामोशी, जिसमें चीखें थीं, सिसकियां थीं और हर दिल में उतरता हुआ दर्द था। कपड़ा व्यापारी अशोक केसरवानी के मासूम बेटे आयुष की अपहरण के बाद हत्या ने पूरे कस्बे को भीतर तक झकझोर दिया। जब आयुष की अर्थी उसके घर से उठी, तो सिर्फ एक परिवार … Read more