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अतीक अहमद के करीबियों पर ध्वस्तीकरण का दौर जारी

प्रयागराज। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का माफियाओं को मिट्टी में मिला देने के ऐलान के बाद प्रयागराज पुलिस प्रशासन ने काम तेज कर दिया है। एक तरफ आरोपियो के गिरफ्तारी के लिए छापों का दौर जारी है।वही दूसरी ओर पूर्व सांसद बाहुबली अतीक अहमद के करीबियों तथा आरोपियों पर कार्रवाई हो रही है। एक के बाद एक सम्पतियों पर प्रयागराज में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई जारी है।

माशूकउद्​दीन और कवी अहमद के घर चला बुलडोजर

शुक्रवार को राजू पाल हत्याकांड के आरोपी कवी अहमद के सरायअकिल स्थित मकान को पीडीए ने बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। साथ ही माफिया अतीक के करीबी और गुर्गों को फंडिंग करने के आरोप में पुरामुफ्ती में असरौली के प्रधान माशूकउद्दीन के मकान को ध्वस्त कर दिया गया। कवी अहमद के मकान से आधा दर्जन अवैध कट्टा और तमंचा बरामद किया गया है। माफिया अतीक अहमद के खास गुर्गे कवी अहमद के मकान के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई से पहले घर के सामान को बाहर निकाला गया। इस दौरान आधा दर्जन अवैध तमंचे मिले।कवी अहमद राजूपाल हत्याकांड का इकलौता ऐसा आरोपी है जो 18 साल से फरार चल रहा है और उसे पुलिस पकड़ नहीं सकी है।

सरकार किसी भी दशा में माफिया को माफ करने के मूड में नहीं

उमेश पाल और उनके दो गनर की हत्या के बाद सरकार किसी भी दशा में माफिया को माफ करने के मूड में नहीं है। इसीलिए पहले जपर का मकान गिराया गया जो चकिया में है। इसमें अतीक की पत्नी बच्चों के साथ रहती थी। फिर शूटरों को असलहा मुहैया कराने वाले सफदर अली के चकिया साठ फीट रोड स्थित मकान को गिराया गया। इसके बाद पुरामुफ्ती इलाके में असरौली में ग्राम प्रधाम माशूकउद्दीन के मकान को गिराया गया। साथ ही सरायअकिल कौशांबी के भखंडा में कवी अहमद के मकान पर बुलडोजर की कार्रवाई की जा रही है।

राजू पाल के मुख्य गवाह की हत्या किये जाने के बाद शुरू हुई कार्रवाई

बता दें कि प्रयागराज में लगातार तीन दिन से बुलडोजर चल रहा है। बसपा विधायक राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल की बीते शुक्रवार को ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर और बम मारकर दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी। इस दुस्साहसिक घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस ने उमेश के हत्यारों की शिनाख्त की।पुलिस की 20 टीमें एक सप्ताह बीतने के बाद भी किसी कातिल तक नहीं पहुंच पाई। हालांकि इस दौरान अरबाज को एनकाउंटर में ढेर कर दिया गया। सदाकत को गोरखपुर से पकड़ा गया। लेकिन ये दोनों पर्दे के पीछे के खिलाड़ी थे। सीसीटीवी फुटेज में न तो अरबाज दिखा न ही सदाकत दिखा था।

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