हजारों करोड़ खर्च के बाद निजीकरण क्यों? -संघर्ष समिति ने उठाए सवाल
लखनऊ। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन के प्रस्तावित निजीकरण फैसले पर गंभीर आपत्ति जताते हुए सवाल उठाया है कि जब हजारों करोड़ रुपये खर्च कर बिजली वितरण नेटवर्क को मजबूत बनाया गया है, तो उसे निजी हाथों में सौंपने का औचित्य क्या है। हानियाँ घटकर अब करीब 15 प्रतिशत … Read more