होम उप्र न्यूज़ बिजली निजीकरण के विरोध में 15 अप्रैल से जन-जागरण अभियान, उपभोक्ताओं को...

बिजली निजीकरण के विरोध में 15 अप्रैल से जन-जागरण अभियान, उपभोक्ताओं को किया जाएगा जागरूक

0
102

लखनऊ । विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के बैनर तले बिजली कर्मचारियों ने प्रदेशभर में जन-जागरण अभियान चलाने का निर्णय लिया है। यह अभियान 15 अप्रैल से 21 मई तक चलेगा, जिसमें आम उपभोक्ताओं और किसानों को बिजली व्यवस्था में हो रहे बदलावों के प्रभाव के बारे में जानकारी दी जाएगी।

क्या है मुद्दा

संघर्ष समिति का आरोप है कि पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन द्वारा लागू की जा रही वर्टिकल रिस्ट्रक्चरिंग और संविदा कर्मियों की छंटनी से बिजली व्यवस्था प्रभावित हो रही है। इससे जहां उपभोक्ताओं को असुविधा हो रही है, वहीं वितरण व्यवस्था और मेंटेनेंस पर भी असर पड़ रहा है।

किन क्षेत्रों में लागू

बताया गया कि यह व्यवस्था पश्चिमांचल और मध्यांचल के कई शहरों में लागू की जा चुकी है, जिनमें सहारनपुर, मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा, लखनऊ, अयोध्या और बरेली शामिल हैं।

उपभोक्ताओं पर असर

नई व्यवस्था के चलते उपभोक्ताओं को यह समझने में परेशानी हो रही है कि किस कार्य के लिए किस कार्यालय से संपर्क करें। वहीं, अनुभवी संविदा कर्मियों की छंटनी से बिजली आपूर्ति और मरम्मत कार्य प्रभावित होने की बात कही जा रही है।

आंदोलन तेज करने की तैयारी

संघर्ष समिति ने बताया कि अभियान के दौरान जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपा जाएगा और बिजली कर्मचारियों के आंदोलन को और मजबूत किया जाएगा। साथ ही उपभोक्ताओं और किसानों को संभावित बिजली संकट के प्रति भी सतर्क किया जाएगा।