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वाराणसी में बारूद का धमाका! अवैध पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट से दो मंजिला मकान जमींदोज

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सारनाथ में शाम पांच बजे जोरदार धमाके से दहला इलाका, पड़ोसी का मकान भी क्षतिग्रस्त; मलबे से दो लोग निकाले गए, महिला समेत अन्य लोगों के दबे होने की आशंका, एनडीआरएफ का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में गुरुवार शाम एक भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। सारनाथ थाना क्षेत्र के सारंगनाथ पैगंबरपुर में कथित अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए जोरदार धमाके से दो मंजिला मकान ताश के पत्तों की तरह ढह गया। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि आसपास के लोग सहम गए और मकान से सटे पड़ोसी के घर को भी नुकसान पहुंचा। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

धमाके से ढहा मकान, मलबे में दबे लोगों की तलाश

जानकारी के मुताबिक, घटना गुरुवार शाम करीब पांच बजे की है। जिस मकान में विस्फोट हुआ, वह राजू खान का बताया जा रहा है। विस्फोट के समय मकान में मौजूद भवन स्वामी और उसके परिवार के कई सदस्यों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई गई है। अब तक बचाव दल ने दो लोगों को मलबे से बाहर निकाला है, जबकि अन्य लोगों की तलाश जारी है।

धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग घटनास्थल पर पहुंच गए। मकान के मलबे और क्षतिग्रस्त हिस्सों के बीच फंसे लोगों को निकालने के लिए पुलिस और प्रशासन ने तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू कराया।

एनडीआरएफ और फायर ब्रिगेड की टीमें जुटीं

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एनडीआरएफ की टीम को भी बचाव कार्य में लगाया गया। टीमें मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रही हैं। एक महिला के दबे होने की जानकारी सामने आने के बाद उसे सुरक्षित निकालने के लिए भी अभियान चलाया जा रहा है।

मलबे में पटाखों के साथ गन मिलने की बात भी सामने आई है। ऐसे में घटनास्थल पर बचाव कार्य के साथ मामले की जांच भी की जा रही है। हालांकि, विस्फोट के सभी कारणों और बरामद वस्तुओं के संबंध में जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

अवैध पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट की आशंका

डीसीपी वरुणा जोन राजेश पांडेय के अनुसार, प्रथम दृष्टया अवैध पटाखों में विस्फोट के कारण मकान ढहने की आशंका है। पुलिस और प्रशासन की निगरानी में राहत एवं बचाव कार्य जारी है। घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

इस हादसे ने घनी आबादी वाले इलाकों में कथित अवैध पटाखा निर्माण और ज्वलनशील सामग्री के भंडारण से पैदा होने वाले खतरे को फिर सामने ला दिया है। यदि किसी आवासीय मकान में सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर विस्फोटक सामग्री रखी जाती है, तो उसका खतरा केवल उस मकान तक सीमित नहीं रहता, बल्कि आसपास रहने वाले लोगों की जान और संपत्ति पर भी मंडराता है।

फिलहाल, सभी की नजरें मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के अभियान पर टिकी हैं। हादसे में हताहतों की अंतिम संख्या और विस्फोट के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि जांच एवं बचाव अभियान आगे बढ़ने के बाद ही हो सकेगी।

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