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ग्राम प्रहरियों को डिजिटल माध्यमों से जुड़ने की सलाह, अफवाहों से रहें सतर्क: डीजीपी

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राजीव कृष्ण बोले- भूमि विवाद, संदिग्ध गतिविधियों और शांति भंग होने की आशंका की तत्काल पुलिस को दें सूचना, महिलाओं-बच्चों की सुरक्षा पर भी विशेष जोर

बरेली में 5,100 ग्राम प्रहरी सम्मानित, सीएम योगी ने मानदेय में 1,000 रुपये प्रतिमाह बढ़ोतरी की घोषणा की

लखनऊ/बरेली। पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश राजीव कृष्ण ने ग्राम प्रहरियों से डिजिटल माध्यमों का प्रभावी इस्तेमाल करने, सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं के प्रति सतर्क रहने तथा गांव में किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रहरी पुलिस और ग्रामीण समाज के बीच विश्वास, संवाद और सूचना के आदान-प्रदान की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। स्थानीय परिस्थितियों और सामाजिक गतिविधियों की जानकारी होने के कारण ग्राम प्रहरी संभावित अपराधों और कानून-व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं की समय रहते सूचना पुलिस तक पहुंचा सकते हैं।

बरेली में आयोजित ग्राम प्रहरी सम्मान समारोह में डीजीपी राजीव कृष्ण ने अपने स्वागत उद्बोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए ग्राम प्रहरियों की भूमिका और जिम्मेदारियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रहरियों की समयबद्ध सूचना से विवादों को गंभीर रूप लेने से पहले नियंत्रित करने में मदद मिलती है। इसके साथ ही आवश्यक वैधानिक और निरोधात्मक कार्रवाई करने में भी पुलिस को सहूलियत होती है।

भूमि विवाद और संदिग्ध गतिविधियों की तत्काल दें सूचना

डीजीपी ने ग्राम प्रहरियों से अपील की कि वे अपने गांव में भूमि विवाद, आपसी तनाव, शांति भंग होने की आशंका, संदिग्ध गतिविधियों और अन्य गैर-कानूनी कृत्यों की जानकारी तत्काल संबंधित थाना पुलिस तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रहरी की जिम्मेदारी निष्पक्षता के साथ सही और विश्वसनीय सूचना उपलब्ध कराना है, ताकि पुलिस समय रहते आवश्यक कदम उठा सके।

उन्होंने पुलिस अधिकारियों से भी अपेक्षा की कि वे ग्राम प्रहरियों के साथ नियमित संवाद बनाए रखें, उनकी ओर से दी गई सूचनाओं को गंभीरता से लें और उन पर नियमानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें। पुलिस और ग्राम प्रहरियों के बीच बेहतर समन्वय से ग्रामीण क्षेत्रों में अपराधों की रोकथाम तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी।

साइबर ठगी और फेक न्यूज से निपटने में निभाएं भूमिका

बदलते डिजिटल परिवेश का उल्लेख करते हुए पुलिस महानिदेशक ने कहा कि वर्तमान समय में पारंपरिक अपराधों के साथ साइबर धोखाधड़ी, ऑनलाइन ठगी और सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक सूचनाएं भी जनसुरक्षा के लिए चुनौती बन रही हैं। ऐसे में ग्राम प्रहरियों को बदलते हालात के अनुरूप सतर्कता बरतने और सूचना के विश्वसनीय माध्यमों का इस्तेमाल करने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि ग्राम प्रहरी स्थानीय व्हाट्सएप समूहों, डिजिटल वॉलंटियर्स और अन्य विश्वसनीय माध्यमों से समन्वय स्थापित कर गांव की महत्वपूर्ण गतिविधियों की जानकारी समय रहते पुलिस तक पहुंचा सकते हैं। उन्होंने फेक न्यूज और अफवाहों के प्रति सतर्क रहने तथा अपुष्ट सूचनाओं को आगे प्रसारित करने से बचने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

डीजीपी ने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा से संबंधित सूचनाओं को विशेष संवेदनशीलता और गोपनीयता के साथ पुलिस तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर ग्राम प्रहरियों की सजगता से सुरक्षा संबंधी समस्याओं की समय रहते जानकारी मिल सकती है और पुलिस को जरूरी कार्रवाई करने में सहायता मिलती है।

सीएम योगी ने मानदेय में 1,000 रुपये की बढ़ोतरी की घोषणा की

समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के ग्राम प्रहरियों के मानदेय में प्रतिमाह 1,000 रुपये की वृद्धि करने की घोषणा की। इससे उनका मासिक मानदेय 2,500 रुपये से बढ़कर 3,500 रुपये हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के लगभग 68 हजार ग्राम प्रहरियों और उनके परिवारों को प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में भी महत्वपूर्ण घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था और जनसुरक्षा को मजबूत बनाने में ग्राम प्रहरियों के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रहरी गांव की सुरक्षा व्यवस्था में सीसीटीवी कैमरे की तरह महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे गांव की सजग आंख और कान हैं। इसलिए उन्हें अपने क्षेत्र में सतर्क रहकर महत्वपूर्ण सूचनाओं का संकलन करना चाहिए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि अथवा आपात स्थिति की जानकारी तत्काल संबंधित थाना प्रभारी या हल्का प्रभारी को देनी चाहिए। पुलिस इन सूचनाओं के आधार पर आवश्यक कार्रवाई करेगी।

रिक्त पदों पर नियुक्ति और साप्ताहिक बैठक के निर्देश

मुख्यमंत्री ने ग्राम प्रहरी के रिक्त पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही थाना प्रभारी अथवा हल्का प्रभारी को सप्ताह में कम से कम एक बार ग्राम प्रहरियों के साथ बैठक कर प्रभावी संवाद स्थापित करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। इसका उद्देश्य गांवों से मिलने वाली सूचनाओं के आदान-प्रदान को बेहतर बनाना और पुलिस तथा ग्राम प्रहरियों के बीच समन्वय को मजबूत करना है।

5,100 ग्राम प्रहरी सम्मानित, कई जिलों के कर्मियों को मिला सम्मान

बरेली में आयोजित ग्राम प्रहरी सम्मान समारोह में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए लगभग 5,100 ग्राम प्रहरी शामिल हुए। इस अवसर पर ग्रामीण सुरक्षा व्यवस्था में उत्कृष्ट योगदान देने वाले चयनित ग्राम प्रहरियों को मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया।

सम्मानित होने वालों में बरेली के राजवीर सिंह, राम राठौर और कुंवरपाल सिंह, पीलीभीत के राजेंद्र वाल्मीकि, शाहजहांपुर के कमलेश, मुरादाबाद के कमलेश सिंह सैनी, बिजनौर के राजेश सैनी, रामपुर के प्रकाश और ध्यान सिंह चौहान, सम्भल के अनिल बाल्मीकी तथा अमरोहा के तेजपाल प्रजापति सहित विभिन्न जनपदों के ग्राम प्रहरी शामिल रहे। इन ग्राम प्रहरियों ने अपराध नियंत्रण, महत्वपूर्ण सूचनाओं के संकलन, कानून-व्यवस्था बनाए रखने, सामाजिक सौहार्द और चोरी की घटनाओं के अनावरण में उल्लेखनीय योगदान दिया है।

जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, धर्मपाल सिंह, जे.पी.एस. राठौर, डॉ. अरुण कुमार सक्सेना और संजय गंगवार, सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार, राज्यसभा सांसद श्रुति गंगवार, महापौर डॉ. उमेश गौतम तथा जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इसके अलावा अपर मुख्य सचिव, गृह संजय प्रसाद, वरिष्ठ पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी तथा बड़ी संख्या में ग्राम प्रहरी भी समारोह में शामिल हुए।

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