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25 हजार बिजली कर्मियों की वापसी का रास्ता साफ, संघर्ष समिति ने जताई खुशी

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हटाए गए आउटसोर्स कर्मचारियों को काम पर रखने के फैसले का स्वागत, मार्च 2023 के आंदोलन से जुड़ी उत्पीड़नात्मक कार्रवाई वापस लेने की मांग

लखनऊ। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने पावर कॉरपोरेशन के नवनियुक्त अध्यक्ष रणवीर प्रसाद द्वारा पिछले दो वर्षों के दौरान बिजली निगमों से हटाए गए 25 हजार से अधिक आउटसोर्स कर्मचारियों को पुनः काम पर रखने के निर्णय का हार्दिक स्वागत किया है। संघर्ष समिति ने कहा है कि यह निर्णय मानवीय दृष्टिकोण, कर्मचारी हितों के प्रति संवेदनशीलता तथा प्रदेश की विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक सराहनीय कदम है।

संघर्ष समिति ने आशा व्यक्त की है कि हटाए गए कर्मचारियों की वापसी से न केवल बिजली निगमों में कार्यरत कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि विद्युत व्यवस्था के संचालन, रखरखाव और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं प्रदान करने में भी महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।

संघर्ष समिति ने पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष से यह भी आग्रह किया है कि मार्च 2023 में बिजली कर्मचारियों के सांकेतिक आंदोलन के फलस्वरूप कर्मचारियों एवं अभियंताओं के विरुद्ध की गई उत्पीड़नात्मक एवं अनुशासनात्मक कार्यवाहियों को तत्काल वापस लेने का निर्णय भी लिया जाए।

संघर्ष समिति ने स्मरण कराया कि 19 मार्च 2023 को ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उप्र के साथ आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में पावर कॉरपोरेशन के तत्कालीन अध्यक्ष को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि आंदोलन के फलस्वरूप बिजली कर्मचारियों एवं अभियंताओं के विरुद्ध की गई सभी उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियां वापस ली जाएं। इसके बावजूद इन कार्यवाहियों को आज तक पूरी तरह वापस नहीं लिया गया है, जिससे कर्मचारियों में असंतोष बना हुआ है।

संघर्ष समिति ने कहा कि कर्मचारियों के हित में आउटसोर्स कर्मियों की वापसी का निर्णय लेने के साथ-साथ मार्च 2023 से संबंधित सभी लंबित उत्पीड़नात्मक एवं अनुशासनात्मक कार्यवाहियों को समाप्त करने का निर्णय भी लिया जाना चाहिए। इससे ऊर्जा निगमों में विश्वास, सौहार्द और सहयोग का वातावरण मजबूत होगा तथा प्रबंधन और कर्मचारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा।

विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उप्र ने विश्वास व्यक्त किया कि पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष रणवीर प्रसाद इस महत्वपूर्ण विषय पर सकारात्मक निर्णय लेकर बिजली कर्मचारियों एवं अभियंताओं की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करेंगे।

संघर्ष समिति ने स्पष्ट किया कि विद्युत कर्मचारी और अभियंता प्रदेश की बिजली व्यवस्था में सुधार, लाइन हानियों में प्रभावी कमी, राजस्व वसूली में वृद्धि तथा उपभोक्ताओं को निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पूर्ण निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने को तत्पर हैं। संघर्ष समिति आश्वस्त करती है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की विद्युत व्यवस्था को देश में अग्रणी स्थान दिलाने के लिए बिजली कर्मचारी एवं अभियंता प्रबंधन के साथ मिलकर हरसंभव सहयोग करेंगे।

संघर्ष समिति ने कहा कि कर्मचारियों के सम्मान, न्याय और सेवा सुरक्षा को सुनिश्चित करते हुए उनसे बेहतर कार्य की अपेक्षा करना ही एक स्वस्थ, उत्तरदायी और परिणामोन्मुख ऊर्जा प्रशासन की आधारशिला है।

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