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नाना पटेकर के जाने से सिनेमा में छाया सन्नाटा,नेताओं ने नम आंखों से दी श्रद्धांजलि

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योगी, धामी, डीके शिवकुमार समेत कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि, बोले- भारतीय सिनेमा ने खोया बेमिसाल कलाकार

नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा के दमदार और बहुआयामी अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर ने फिल्म जगत से लेकर सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्रों तक गहरी उदासी भर दी है। 75 वर्ष की उम्र में गुरुवार सुबह गोवा स्थित अपने आवास पर उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके जाने की खबर सामने आते ही देशभर से श्रद्धांजलियों का सिलसिला शुरू हो गया। कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों और विभिन्न दलों के नेताओं ने नाना पाटेकर को याद करते हुए उनके निधन को कला जगत की अपूरणीय क्षति बताया।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नाना पाटेकर को केवल एक बेहतरीन अभिनेता ही नहीं, बल्कि रंगमंच के सशक्त कलाकार और संवेदनशील समाजसेवी के रूप में याद किया। उन्होंने कहा कि पद्म श्री से सम्मानित नाना पाटेकर ने अपने विलक्षण अभिनय से भारतीय सिनेमा को समृद्ध किया। साथ ही सामाजिक सरोकारों से जुड़े उनके कार्यों ने समाज के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को भी सामने रखा। मुख्यमंत्री ने प्रभु श्रीराम से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने और परिजनों व प्रशंसकों को इस कठिन समय में दुख सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी अभिनेता के निधन पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि नाना पाटेकर ने अपने सशक्त अभिनय और प्रभावशाली संवाद अदायगी से भारतीय सिनेमा में अलग पहचान बनाई। अलग-अलग किरदारों को जिस जीवंतता के साथ उन्होंने पर्दे पर उतारा, वह उनकी असाधारण प्रतिभा का प्रमाण है। धामी ने उनके निधन को फिल्म और कला जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने नाना पाटेकर के निधन को भारतीय सिनेमा के लिए बड़ी क्षति बताते हुए कहा कि देश ने अपनी दमदार और बेमिसाल आवाजों में से एक खो दी। उन्होंने ‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’ और ‘प्रहार’ से लेकर ‘अब तक छप्पन’ तक नाना पाटेकर के अभिनय का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने सिर्फ किरदार नहीं निभाए, बल्कि हर भूमिका में सच्चाई और संवेदनाओं को जीवंत कर दिया।

अधिकारी ने उनके व्यक्तित्व के दूसरे पहलू को भी याद किया। उन्होंने कहा कि पर्दे से बाहर नाना पाटेकर का सादापन, विनम्रता और सामाजिक कार्यों के प्रति समर्पण उन्हें और भी खास बनाता था। ग्रामीण समुदायों के लिए उनका काम उनके संवेदनशील व्यक्तित्व की पहचान था। उन्होंने कहा कि नाना की आवाज, उनका अंदाज और उनकी विरासत हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेगी।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने नाना पाटेकर को असाधारण प्रतिभा वाला कलाकार बताया। उन्होंने कहा कि दमदार संवाद, प्रभावशाली स्क्रीन उपस्थिति और यादगार अभिनय के जरिए नाना ने भारतीय सिनेमा को कई ऐसे किरदार दिए, जिन्हें लंबे समय तक भुलाया नहीं जा सकेगा। शिवकुमार ने किसानों के प्रति उनकी संवेदना और समाज सेवा के प्रति समर्पण को भी याद किया।

महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने नाना पाटेकर के निधन पर भावुक प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अभिनय की दुनिया का एक ऐसा दिग्गज कलाकार अब हमारे बीच नहीं रहा, जिसकी अदाकारी में सच्ची अभिव्यक्ति और सामाजिक संवेदनशीलता का अनोखा मेल था। मंच से लेकर बड़े पर्दे तक उन्होंने अपने अभिनय से अनगिनत किरदारों को यादगार बनाया। ‘नटसम्राट’, ‘क्रांतिवीर’ और ‘परिंदा’ जैसी फिल्मों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि नाना की कला की छाप हमेशा बनी रहेगी।

सुनेत्रा पवार ने नाना पाटेकर के अपने परिवार के साथ करीबी संबंधों को भी याद किया। उन्होंने बताया कि नाना का ‘दादा’ अजित पवार के साथ बेहद आत्मीय और स्नेहपूर्ण रिश्ता था। ऐसे में उनका जाना उनके और परिवार के लिए भी गहरे दुख का विषय है।डीएमके सांसद कनिमोझी ने भी नाना पाटेकर के निधन पर शोक जताते हुए कहा कि उनका दमदार अभिनय, खास अंदाज और हिंदी के साथ क्षेत्रीय सिनेमा में योगदान हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नाना की बेहतरीन फिल्मों और अभिनय के जरिए उनकी स्मृतियां हमेशा जीवित रहेंगी।
झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने नाना पाटेकर के निधन को बेहद दुखद बताया और दिवंगत आत्मा की शांति के साथ शोकाकुल परिवार को यह अपार दुख सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने कहा कि नाना पाटेकर के अभिनय में भारतीय सिनेमा के प्रति उनका समर्पण, बहुमुखी प्रतिभा और अटूट निष्ठा साफ दिखाई देती थी। उन्होंने दिवंगत अभिनेता की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि नाना पाटेकर की अदाकारी में गहराई, संवादों में प्रभाव और हर किरदार में असाधारण जीवंतता दिखाई देती थी। हिंदी और मराठी सिनेमा में उनके यादगार अभिनय ने दर्शकों के दिलों में जो जगह बनाई, वह हमेशा कायम रहेगी।
पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने भी नाना पाटेकर के निधन पर दुख जताते हुए कहा कि सिनेमा ने एक महान अभिनेता और प्रभावशाली व्यक्तित्व खो दिया है। उनकी अदाकारी और उनका योगदान हमेशा याद किया जाएगा।

एनसीपी-एसपी नेता रोहित पवार ने नाना पाटेकर को सामाजिक सरोकारों से जुड़ा संवेदनशील कलाकार बताया। उन्होंने कहा कि उनके निधन से भारतीय फिल्म जगत ने एक ऐसे अभिनेता को खो दिया, जो गंभीर से लेकर विविध भूमिकाओं तक हर किरदार में अपनी अलग छाप छोड़ने में सक्षम था।रोहित पवार ने ‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘प्रहार’, ‘खामोशी’, ‘अग्निसाक्षी’, ‘नटसम्राट’ और ‘वेलकम’ जैसी फिल्मों में नाना पाटेकर के अभिनय को याद किया। उन्होंने कहा कि नाना का योगदान सिर्फ सिनेमा तक सीमित नहीं था। ‘नाम फाउंडेशन’ के माध्यम से किसानों, सूखा प्रभावित समुदायों और ग्रामीण आबादी के लिए किए गए उनके सामाजिक कार्य उनके संवेदनशील और मददगार व्यक्तित्व की मिसाल हैं।

नाना पाटेकर का जाना सिर्फ एक अभिनेता का चले जाना नहीं, बल्कि अभिनय की उस शैली का विराम है जिसमें संवादों से ज्यादा आंखें बोलती थीं और किरदार पर्दे से निकलकर दर्शकों के दिलों में उतर जाते थे। उन्होंने अपने अभिनय से कई पीढ़ियों को प्रभावित किया और सामाजिक सरोकारों से अपने व्यक्तित्व का एक अलग पक्ष सामने रखा। उनके निधन से सिनेमा जगत में जो खालीपन पैदा हुआ है, उसे भर पाना आसान नहीं होगा।

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