12 फीट गहरे बंद पानी के टैंक में एक के बाद एक उतरे छात्र, बचाने की कोशिश में चार ने गंवाई जान; एक अस्पताल में भर्ती, संचालक फरार
मथुरा। वृंदावन के चैतन्य विहार सेक्टर-2 स्थित पाणिनि संस्कृत गुरुकुलम में मंगलवार रात ऐसा हादसा हुआ, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। करीब 12 फीट गहरे बंद पानी के टैंक की सफाई के लिए उतरे पांच छात्र जहरीली गैस की चपेट में आ गए। हादसे में चार छात्रों की मौत हो गई, जबकि एक छात्र को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद से गुरुकुल का संचालक फरार बताया जा रहा है।
पहले एक छात्र टैंक में उतरा, फिर बचाने के लिए बाकी भी गए
पुलिस के अनुसार, मंगलवार रात करीब 10 बजे गुरुकुल संचालक आचार्य आशीष ने छात्रों को परिसर के पीछे बने बंद पानी के टैंक की सफाई करने के लिए कहा था। टैंक करीब 12 फीट गहरा बताया जा रहा है।
निर्देश मिलने के बाद पांच छात्र सफाई के लिए टैंक में उतरे। बताया गया कि सबसे पहले 22 वर्षीय मनु कटारे ने टैंक का ढक्कन खोलकर अंदर प्रवेश किया। अंदर जाते ही जहरीली गैस के कारण उसकी तबीयत बिगड़ने लगी।
मनु को मुश्किल में देखकर उसे बचाने के लिए विशू शर्मा (19), आर्यन पांडेय (16) और देवांश शर्मा (17) भी एक-एक करके टैंक के अंदर उतर गए। देखते ही देखते चारों छात्र जहरीली गैस की चपेट में आ गए।
चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी पहुंचे
टैंक के अंदर छात्रों की हालत बिगड़ने और चीख-पुकार सुनाई देने पर पड़ोस में रहने वाले कृष्णा तिवारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने अन्य आचार्यों और छात्रों की मदद से टैंक में फंसे छात्रों को बाहर निकलवाया।सूचना मिलने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची और सभी छात्रों को अस्पताल पहुंचाया गया।
डॉक्टरों ने चार को मृत घोषित किया
पुलिस के अनुसार, छात्रों को रामकृष्ण मिशन सेवा आश्रम और सौ शैया अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने मनु कटारे (22), निवासी जबलपुर; विशू शर्मा (19), निवासी मेरठ; आर्यन पांडेय (16), निवासी प्रयागराज; और देवांश शर्मा (17) को मृत घोषित कर दिया।वहीं रुद्राक्ष नामक छात्र का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
एक साल पहले तक था गेस्ट हाउस
पुलिस की जांच में सामने आया है कि जिस परिसर में वर्तमान में गुरुकुल संचालित हो रहा है, वहां करीब एक साल पहले तक ‘उमा कमला’ नाम से गेस्ट हाउस चलता था। इसके बाद आशीष शर्मा ने परिसर किराये पर लेकर यहां गुरुकुल शुरू किया था। गुरुकुल में करीब 100 छात्र रहकर संस्कृत की पढ़ाई कर रहे हैं।
हादसे के बाद संचालक फरार
घटना के बाद गुरुकुल संचालक आचार्य आशीष के फरार होने की बात सामने आई है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरे घटनाक्रम की कड़ाई से जांच के निर्देश दिए हैं।
मौके पर पहुंचे आला अधिकारी
हादसे की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी चंद्रप्रकाश सिंह, नगर आयुक्त ओजस्वी राज, एडीएम पंकज वर्मा और एसपी सिटी राजीव कुमार सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मामले की जांच के निर्देश दिए।
पहचान छिपाने के लिए बोर्ड हटाने का भी मामला
हादसे के बाद गुरुकुल के अन्य लोगों द्वारा संस्थान की पहचान छिपाने के लिए गुरुकुल का बोर्ड हटाए जाने की बात भी सामने आई है। प्रशासन इस पूरे मामले की भी जांच कर रहा है।फिलहाल पुलिस हादसे के कारणों, टैंक में मौजूद जहरीली गैस, छात्रों को बिना सुरक्षा इंतजाम के अंदर भेजे जाने और संचालक की भूमिका समेत पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। चार छात्रों की मौत के बाद गुरुकुल में रह रहे अन्य छात्रों और उनके परिजनों में भी दहशत का माहौल है।
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