EVM और CEC ज्ञानेश कुमार के मुद्दे पर विपक्ष की बैठक को लेकर NDA नेताओं ने साधा निशाना
नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), ईवीएम और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े मुद्दों को लेकर बुधवार को नई दिल्ली में INDIA ब्लॉक की अहम बैठक हुई। बैठक से पहले ही इसे लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई। NDA के कई नेताओं ने INDIA ब्लॉक की बैठक और उसकी रणनीति पर सवाल उठाए, जबकि विपक्षी दल चुनाव आयोग के कामकाज और SIR प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्तियां सामने रख रहे हैं।
INDIA ब्लॉक की बैठक नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित की गई। रिपोर्टों के मुताबिक, बैठक में SIR, EVM-VVPAT और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े मुद्दों पर आगे की संयुक्त रणनीति पर चर्चा की गई। विपक्षी दलों की ओर से चुनाव आयोग के खिलाफ अभियान और CEC को हटाने की मांग से जुड़े विकल्पों पर भी विचार किया गया।
केशव मौर्य बोले- INDIA ब्लॉक में एकता नहीं
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने INDIA ब्लॉक पर निशाना साधते हुए कहा कि गठबंधन बिखर चुका है और उसमें एकता नहीं है। उन्होंने विपक्षी गठबंधन को लेकर कहा कि देश उसके बनने और बिखरने की स्थिति देख चुका है।
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने भी विपक्षी दलों के बीच तालमेल पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेताओं का अपना एजेंडा है और यह स्पष्ट नहीं है कि कौन कब बैठक में शामिल होगा और क्या रुख अपनाएगा। उन्होंने NDA के गठबंधन को लंबे समय से चले आ रहे आपसी तालमेल वाला गठबंधन बताया।
शाहनवाज हुसैन ने चुनाव आयोग का किया बचाव
भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन ने विपक्ष के चुनाव आयोग पर लगाए जा रहे आरोपों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और अपना काम कर रहा है। उन्होंने INDIA ब्लॉक की एकजुटता पर भी सवाल उठाए और विपक्षी दलों की बैठकों को लेकर कटाक्ष किया।
भाजपा सांसद भोला सिंह ने ईवीएम को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर कहा कि कांग्रेस के कई सांसद उसी चुनाव प्रक्रिया के जरिए निर्वाचित हुए हैं। उन्होंने सवाल किया कि अगर ईवीएम पर भरोसा नहीं है तो विपक्षी नेता उसी प्रक्रिया के माध्यम से चुनाव जीतकर संसद तक कैसे पहुंचे।
जदयू ने भी विपक्ष के आरोपों पर उठाए सवाल
जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने चुनाव आयोग में कथित मतभेदों को लेकर कहा कि आयोग की ओर से स्थिति स्पष्ट की जा चुकी है और निर्णय लेने की प्रक्रिया को लेकर तीनों चुनाव आयुक्तों के बीच असहमति नहीं होने की बात कही गई है।
उन्होंने विपक्ष पर चुनाव परिणामों के आधार पर चुनाव आयोग को लेकर अलग-अलग रुख अपनाने का आरोप लगाया। जदयू नेताओं ने INDIA ब्लॉक की एकजुटता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में चुनावी गतिविधियों के बीच विपक्षी दलों के नेताओं की मौजूदगी और भागीदारी को लेकर स्थिति पूरी तरह एक जैसी नहीं है।
BJP नेताओं ने SIR को लेकर विपक्ष पर साधा निशाना
कर्नाटक से भाजपा नेता सीटी रवि ने SIR की प्रक्रिया का बचाव करते हुए कहा कि मतदाता सूची से मृत और फर्जी मतदाताओं के नाम हटाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि SIR का काम केवल मुख्य चुनाव आयुक्त से जुड़ा नहीं है, बल्कि इसमें बूथ स्तर के अधिकारी भी शामिल होते हैं।
उन्होंने दावा किया कि SIR प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से चल रही है और जिन लोगों का नाम मतदाता सूची से हटता है, उनके पास आवेदन और आपत्ति दर्ज कराने का विकल्प मौजूद है।
भाजपा विधायक राम कदम ने भी SIR को लेकर विपक्ष के रुख पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने पर ईवीएम और चुनाव आयोग को लेकर सवाल नहीं उठाए जाते, जबकि हार के बाद इन्हीं संस्थाओं पर आरोप लगाए जाते हैं।
विपक्ष किन मुद्दों पर उठा रहा सवाल?
INDIA ब्लॉक की बैठक ऐसे समय हुई है जब SIR प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग के कामकाज पर विपक्षी दलों ने सवाल उठाए हैं। बैठक से पहले विपक्षी दलों के बीच चुनाव आयोग, मतदाता सूची के पुनरीक्षण, EVM-VVPAT और CEC ज्ञानेश कुमार से जुड़े मुद्दों पर साझा रणनीति बनाने को लेकर चर्चा हुई थी।
वहीं, चुनाव आयोग की वेबसाइट पर SIR-2026 से संबंधित मतदाता सूची और मतदाता सेवाओं की जानकारी उपलब्ध है। आयोग मतदाताओं को नाम खोजने, मतदाता सूची में पंजीकरण और विवरण में सुधार जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराता है।
गठबंधन के भीतर भी अलग-अलग रुख
बैठक को लेकर विपक्षी गठबंधन के सभी दलों की भागीदारी एक जैसी नहीं रही। रिपोर्टों के मुताबिक कुछ प्रमुख दलों और नेताओं ने बैठक से दूरी बनाई या प्रतिनिधियों के माध्यम से भागीदारी की। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के बैठक में शामिल नहीं होने और प्रतिनिधि भेजने की जानकारी भी सामने आई।
इस बीच NDA नेताओं ने INDIA ब्लॉक की बैठक को लेकर विपक्षी एकता पर सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर, INDIA ब्लॉक के नेता SIR और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर अपनी आपत्तियां दर्ज कराते हुए आगे की रणनीति पर चर्चा कर रहे हैं। ऐसे में बैठक के बाद विपक्ष की ओर से लिए जाने वाले फैसलों और आगे के राजनीतिक कार्यक्रम पर नजर रहेगी।
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