चार दिनों में 542 आपदा घटनाएं दर्ज, 4 लोग लापता और 1,082 परिवार प्रभावित; 227 मकान पूरी तरह तबाह
काठमांडू। नेपाल में 24 से 27 सितंबर के बीच हुई मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। देशभर में बाढ़, भूस्खलन और भारी बारिश से जुड़ी 542 आपदा घटनाएं दर्ज की गई हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक, इन घटनाओं में कम से कम 27 लोगों की मौत हो गई, जबकि चार लोग अब भी लापता हैं। आठ लोग घायल हुए हैं और 1,082 परिवार प्रभावित हुए हैं। इस दौरान 114 पशुओं की भी मौत हुई है।
भूस्खलन से सबसे ज्यादा मौतें
प्राधिकरण के आंकड़ों के अनुसार, चार दिनों में भूस्खलन की 304 घटनाएं हुईं, जिनमें 20 लोगों की मौत हो गई और चार लोग लापता हैं। इन घटनाओं में सात लोग घायल हुए हैं। वहीं, बाढ़ से जुड़ी 87 घटनाओं में चार लोगों की जान गई, जबकि भारी बारिश से संबंधित 151 घटनाओं में तीन लोगों की मौत और एक व्यक्ति घायल हुआ है।
227 मकान पूरी तरह तबाह, 31 पुल क्षतिग्रस्त
लगातार बारिश और बाढ़ के कारण नेपाल में बड़े पैमाने पर संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। प्राधिकरण के मुताबिक, 227 मकान पूरी तरह नष्ट हो गए, जबकि 142 मकानों को आंशिक नुकसान हुआ है। बाढ़ और भूस्खलन के चलते 31 पुल भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। इससे कई क्षेत्रों में आवागमन और राहत-बचाव अभियान प्रभावित हुए हैं।
नवलपरासी में 544 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश
प्राधिकरण के अनुसार, चार दिनों के दौरान देश के 186 वर्षा मापन केंद्रों पर 100 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई। पूर्वी नवलपरासी के देउढगाउं में सबसे अधिक 544.2 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके बाद कास्की के पंचासे में 500.2 मिलीमीटर और तनहुं के अत्रौलीटार में 472 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव से बिगड़े हालात
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने बताया कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने निम्न दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से नेपाल के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश हुई। इसके चलते कई इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति पैदा हो गई और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ।
9.8 लाख लोगों को भेजे गए चेतावनी संदेश
आपदा के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने करीब 9.8 लाख लोगों को बाढ़ की चेतावनी से जुड़े एसएमएस भेजे। जोखिम वाले क्षेत्रों से लगभग 2,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। दूरदराज के जिलों में बाढ़ और भूस्खलन के कारण फंसे लोगों को निकालने के लिए हेलीकॉप्टरों की मदद ली गई।म्याग्दी, जाजरकोट और बागलुंग समेत कई जिलों में हवाई राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया। प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में हालात पर नजर रख रहा है और राहत-बचाव कार्य जारी है।
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