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संभल हिंसा में जली कार का बीमा देने का आदेश

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उपभोक्ता आयोग ने बीमा कंपनी को 3.32 लाख रुपये, 7 प्रतिशत ब्याज और क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया

संभल। संभल में नवंबर 2024 में हुई हिंसा के दौरान जलाई गई स्कोडा कार के बीमा दावे से जुड़े मामले में जिला उपभोक्ता आयोग ने वाहन स्वामी के पक्ष में फैसला सुनाया है। आयोग ने बीमा कंपनी को दो माह के भीतर 3,32,991 रुपये की बीमा राशि 7 प्रतिशत ब्याज के साथ अदा करने का आदेश दिया है। इसके अलावा 20 हजार रुपये क्षतिपूर्ति और पांच हजार रुपये वाद व्यय के रूप में देने को भी कहा गया है।

मामला संभल की जामा मस्जिद के निकट खड़ी एक स्कोडा कार से जुड़ा है। अधिवक्ता पारस वार्ष्णेय के अनुसार, नगर के कोट गर्वी निवासी हसन जमाल पुत्र जमालुद्दीन 23 नवंबर 2024 को दिल्ली से अपने पिता से मिलने संभल आए थे। उन्होंने अपनी स्कोडा कार संख्या डीएल-1सीवी-2019 को जामा मस्जिद के नीचे अपने पिता की लकड़ी की दुकान के सामने खड़ा किया था।

हिंसा के दौरान कार में लगाई गई आग

बताया गया कि हसन जमाल ने यह कार घटना से कुछ दिन पहले ही दिल्ली निवासी इतिमाता नामक व्यक्ति से खरीदी थी। वाहन के स्वामित्व हस्तांतरण से संबंधित फीस और आवश्यक कागजात भी जमा किए गए थे। इसके अगले दिन 24 नवंबर 2024 को क्षेत्र में अचानक हिंसा फैल गई। इस दौरान दंगाइयों ने कार में आग लगा दी, जिससे वाहन पूरी तरह जल गया।

कार के जलने के बाद वाहन स्वामी ने बीमा कंपनी से बीमा राशि का दावा किया। हालांकि, ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड ने दावा स्वीकार करने से इनकार कर दिया। कंपनी की ओर से कहा गया कि निर्धारित समय सीमा के भीतर कार का स्वामित्व हस्तांतरित नहीं हुआ था, इसलिए बीमा राशि का भुगतान नहीं किया जा सकता।

मामला जिला उपभोक्ता आयोग पहुंचा

बीमा कंपनी के इस फैसले के बाद हसन जमाल ने अधिवक्ता पारस वार्ष्णेय के माध्यम से जिला उपभोक्ता आयोग, संभल में परिवाद दाखिल किया। परिवाद में बीमा कंपनी से कार की बीमा राशि दिलाए जाने की मांग की गई।

वाहन स्वामी की ओर से आयोग के समक्ष भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) की ओर से जारी अधिसूचना का हवाला दिया गया। अधिवक्ता ने तर्क दिया कि वाहन का पंजीयन प्रमाण पत्र पूर्व स्वामी से नए क्रेता के नाम हस्तांतरित कराए जाने की तिथि से बीमा पॉलिसी में नाम परिवर्तन के लिए 14 दिन की अवधि निर्धारित है।

दलील दी गई कि यदि इस अवधि के दौरान वाहन दुर्घटना या अन्य बीमित घटना का शिकार होता है तो केवल बीमा पॉलिसी में नाम हस्तांतरित नहीं होने के आधार पर बीमा दावा खारिज नहीं किया जा सकता।

आयोग ने बीमा कंपनी को भुगतान का आदेश दिया

जिला उपभोक्ता आयोग, संभल ने वाहन स्वामी की ओर से प्रस्तुत तर्कों से सहमति जताते हुए बीमा कंपनी को भुगतान करने का आदेश दिया। आयोग ने कंपनी को दो माह के भीतर 3,32,991 रुपये की बीमा राशि पर 7 प्रतिशत ब्याज के साथ भुगतान करने को कहा।

इसके साथ ही वाहन स्वामी को हुई परेशानी और क्षति के लिए 20 हजार रुपये क्षतिपूर्ति तथा मुकदमे के खर्च के रूप में पांच हजार रुपये अतिरिक्त अदा करने का आदेश दिया गया है।इस फैसले के बाद संभल हिंसा के दौरान जली कार के बीमा दावे को लेकर चल रहा विवाद समाप्त हुआ। आयोग के आदेश के अनुसार बीमा कंपनी को निर्धारित अवधि में कुल देय राशि का भुगतान करना होगा।

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