विनोद साहनी हत्याकांड में पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे थे नगीना सांसद, बाराबंकी में पुलिस ने रोका
रामनगर/बाराबंकी। गोंडा के चर्चित बर्तन व्यवसायी विनोद कुमार साहनी हत्याकांड ने अब बाराबंकी में सियासी भूचाल ला दिया है। रविवार को पीड़ित परिवार से मिलने गोंडा जा रहे नगीना सांसद व आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद को मसौली पुलिस ने शहाबपुर टोल प्लाजा पर हिरासत में ले लिया। पुलिस उन्हें रामनगर स्थित सर्किट हाउस ले गई।सांसद को रोके जाने की खबर पर समर्थक उग्र हो गए और शहाबपुर टोल का बैरियर तोड़ दिया। इससे टोल पर अफरा-तफरी मच गई। वहीं दूसरी ओर रामनगर में सवर्ण समाज के लोगों ने हाथों में बैनर लेकर “रोहणी घावरी को इंसाफ दो और चंद्रशेखर रावण मुर्दाबाद” के नारे लगाकर विरोध जताया।

चंद्रशेखर आजाद ने पुलिस और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए
सर्किट हाउस में नजरबंद चंद्रशेखर आजाद ने पुलिस और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा -मैं लखनऊ से गोंडा में विनोद साहनी के परिवार से मिलने जा रहा था। बाराबंकी में पुलिस ने मुझे रोका और पुलिस की मौजूदगी में सामंतवादियों ने मेरे काफिले पर जूते और पत्थर फेंके। मैं बाराबंकी पुलिस से कहना चाहता हूं कि हमलावर सामने आकर माफी मांगे और पुलिस कार्रवाई करे, नहीं तो हम मुख्यमंत्री के हर कार्यक्रम में लोकतांत्रिक विरोध करेंगे।मुझे क्यों रोका गया? यहां कोई विवाद नहीं था। ऐसा लगता है इस प्रदेश में दलितों-पिछड़ों को जीते जी न्याय नहीं मिलेगा और न मरने के बाद। यह गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं होगी।

चंद्रशेखर ने बताया कि विनोद साहनी 2 महीने पहले उनसे मिले थे
चंद्रशेखर ने बताया कि विनोद साहनी 2 महीने पहले उनसे मिले थे और करनैलगंज से चुनाव लड़ने की तैयारी में थे। उन्होंने सरकार से 4 मांगें रखीं पूरे हत्याकांड की CBI जांच कराई जाए, पीड़ित परिवार को सुरक्षा दी जाए, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए, परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए।सांसद ने कहा तीन आरोपी पकड़े गए हैं, बाकी 6-7 आरोपी क्यों नहीं पकड़े गए? कोई निर्दोष फंसे नहीं और दोषी बचे नहीं, निष्पक्ष जांच हो। मैं गेस्ट हाउस में राजनीति नहीं करना चाहता, रोती हुई बहनों और बच्चों के बीच जाना मेरा फर्ज है।बाराबंकी से गोंडा तक इस घटना के बाद राजनीतिक पारा चढ़ गया है।
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