होम उप्र न्यूज़ आजम खान के जौहर ट्रस्ट पर ED का शिकंजा, दिल्ली-रामपुर समेत 10...

आजम खान के जौहर ट्रस्ट पर ED का शिकंजा, दिल्ली-रामपुर समेत 10 ठिकानों पर छापे

0
36

कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी की बड़ी कार्रवाई

सरकारी ठेकों की रकम के कथित डायवर्जन और जौहर ट्रस्ट-विश्वविद्यालय तक पहुंचने की जांच

रामपुर। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान से जुड़े मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े कथित धनशोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की। ईडी के लखनऊ जोनल कार्यालय की टीमों ने धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 की धारा 17 के तहत रामपुर, सहारनपुर और दिल्ली में कुल 10 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया।

ईडी की यह कार्रवाई सरकारी ठेकों से जुड़े धन के कथित डायवर्जन और उसके बाद उस रकम के ट्रस्ट तथा विश्वविद्यालय की गतिविधियों में कथित इस्तेमाल की जांच के तहत की गई है। एजेंसी के अनुसार, जांच के दौरान ऐसे वित्तीय लेनदेन सामने आए हैं, जिनमें सरकारी ठेकों से लाभ पाने वाले कुछ निजी ठेकेदारों और जौहर ट्रस्ट के बीच धन का लेनदेन होने की जानकारी मिली है।

सरकारी ठेकों की रकम के इस्तेमाल की जांच

जांच एजेंसी को आशंका है कि सरकारी ठेकों से कथित तौर पर डायवर्ट की गई रकम का इस्तेमाल ट्रस्ट को दान देने और मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय में निर्माण कार्यों सहित अन्य गतिविधियों में किया गया। ईडी अब इस बात की जांच कर रही है कि सरकारी परियोजनाओं से जुड़े ठेकेदारों को भुगतान के बाद धन का प्रवाह किस तरह हुआ और क्या उसका कोई हिस्सा ट्रस्ट या विश्वविद्यालय की गतिविधियों में लगाया गया।

तलाशी अभियान का उद्देश्य कथित अपराध से अर्जित धन का पता लगाने के साथ-साथ उससे जुड़े वित्तीय दस्तावेज, बैंकिंग रिकॉर्ड, लेनदेन से संबंधित कागजात और डिजिटल साक्ष्य जुटाना है। एजेंसी यह भी खंगाल रही है कि सरकारी धन कथित तौर पर किन माध्यमों से ट्रस्ट या विश्वविद्यालय तक पहुंचा और इस पूरी प्रक्रिया में कौन-कौन लोग लाभान्वित हुए।

ट्रस्ट और जौहर विश्वविद्यालय पर फोकस

मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट की स्थापना आजम खान से जुड़ी है और यही ट्रस्ट रामपुर में मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय का संचालन करता है। आजम खान विश्वविद्यालय के संस्थापक और कुलाधिपति रहे हैं।

रामपुर स्थित यह विश्वविद्यालय लंबे समय से जमीन, सरकारी संपत्तियों के इस्तेमाल और उनसे जुड़े विवादों को लेकर चर्चा में रहा है। वर्ष 2019 में विश्वविद्यालय के लिए जमीन के कथित अधिग्रहण और कब्जे को लेकर आजम खान के खिलाफ कई मामले दर्ज किए गए थे।हालांकि, मौजूदा ईडी जांच का फोकस जमीन विवादों से अलग सरकारी ठेकों से जुड़े धन के कथित डायवर्जन और उसके बाद उस रकम के कथित इस्तेमाल से जुड़े धनशोधन की कड़ी पर है।

ठेकेदारों और ट्रस्ट के बीच लेनदेन की पड़ताल

जांच एजेंसी के मुताबिक, कुछ ठेकेदारों द्वारा ट्रस्ट को कथित तौर पर पर्याप्त रकम दान के रूप में दिए जाने और विश्वविद्यालय में निर्माण कार्य कराए जाने की जानकारी भी जांच के दायरे में है। ईडी इन लेनदेन की प्रकृति, रकम के स्रोत और संबंधित लोगों के बीच संबंधों की पड़ताल कर रही है।

बुधवार की तलाशी के दौरान ईडी की टीमों ने वित्तीय दस्तावेजों के साथ इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और डिजिटल रिकॉर्ड की भी जांच की। बरामद दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण आगे की जांच में अहम माना जा रहा है।

जमीन विवादों के बाद अब धनशोधन की जांच

आजम खान और उनसे जुड़े जौहर ट्रस्ट तथा विश्वविद्यालय के खिलाफ पहले भी विभिन्न मामलों में जांच और कानूनी कार्रवाई होती रही है। विश्वविद्यालय की जमीन को लेकर प्रशासनिक और न्यायिक स्तर पर भी कई मामले सामने आए हैं।

अब ईडी की जांच का मुख्य उद्देश्य सरकारी ठेकों से कथित तौर पर डायवर्ट की गई रकम और उसके बाद ट्रस्ट तथा विश्वविद्यालय तक उसके पहुंचने की पूरी वित्तीय कड़ी का पता लगाना है। एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि कथित धन के लेनदेन में कौन-कौन लोग शामिल थे और इससे किसे लाभ मिला।

तलाशी के बाद आगे बढ़ेगी जांच

ईडी की कार्रवाई अभी जांच के चरण में है। तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद एजेंसी आगे की कार्रवाई कर सकती है। जांच एजेंसी यह स्थापित करने का प्रयास कर रही है कि सरकारी धन के कथित डायवर्जन और उसके बाद जौहर ट्रस्ट अथवा विश्वविद्यालय में कथित इस्तेमाल के बीच क्या वित्तीय संबंध है।मामले में आगे की कार्रवाई जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर होने की संभावना है।

यह भी पढ़े : स्वतंत्रता दिवस पर DGP राजीव कृष्ण ने फहराया तिरंगा, शहीद निरीक्षक सुनील कुमार को कीर्ति चक्र मिलने को बताया गौरव

यह भी पढ़े : लाल किले के स्वतंत्रता दिवस समारोह से लगातार दूसरी बार दूर रहे राहुल गांधी, विपक्षी नेता भी नदारद

यह भी पढ़े : तमिलनाडु के अधिकारों की रक्षा और भ्रष्टाचार मुक्त शासन का संकल्प: सीएम विजय

यह भी पढ़े : स्वतंत्रता दिवस पर Gen Z को पीएम मोदी की बड़ी सौगात, फ्री ऑनलाइन कोचिंग और AI ट्रेनिंग का ऐलान

यह भी पढ़े : योगी बोले- यूपी अब ‘उपद्रव प्रदेश’ नहीं, ‘उत्सव प्रदेश’, सुशासन मॉडल के रूप में बना रहा पहचान