मेरठ। पुलिस की नौकरी में वर्दी, अनुशासन और जिम्मेदारियों का खास महत्व होता है। लेकिन मेरठ में एक महिला सब इंस्पेक्टर उस वक्त सुर्खियों में आ गईं, जब सोशल मीडिया पर उनके कुछ वीडियो तेजी से वायरल होने लगे। वर्दी में कानून-व्यवस्था संभालने वाली महिला दरोगा के सोशल मीडिया पर अलग अंदाज वाले वीडियो सामने आए तो मामला पुलिस अधिकारियों तक पहुंच गया। इसके बाद विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए महिला दरोगा को निलंबित कर दिया।
मामला महिला सब इंस्पेक्टर अनु से जुड़ा बताया जा रहा है। सोशल मीडिया पर उनके कई वीडियो सामने आने के बाद पुलिस विभाग में भी हलचल मच गई। रविवार को वीडियो वायरल होने के बाद अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लिया और कार्रवाई करते हुए उन्हें सस्पेंड कर दिया।
लाइव आने से लेकर वायरल वीडियो तक, सोशल मीडिया पर अलग अंदाज
बताया जा रहा है कि महिला दरोगा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लाइव भी आती थीं। इन लाइव वीडियो के दौरान उनके अलग अंदाज की वजह से वह सोशल मीडिया यूजर्स का ध्यान खींच रही थीं। कुछ वीडियो में क्यूआर कोड के जरिए भुगतान की सुविधा भी प्रदर्शित किए जाने की बात सामने आई है।
इसके अलावा उनके सोशल मीडिया अकाउंट से जुड़े कुछ अन्य वीडियो भी सामने आए हैं। इनमें स्विमिंग पूल में शूट किया गया वीडियो भी शामिल बताया जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं और मामला पुलिस अधिकारियों तक पहुंच गया।
2023 बैच की सब इंस्पेक्टर हैं अनु
जानकारी के मुताबिक, महिला सब इंस्पेक्टर अनु मूलरूप से प्रयागराज की रहने वाली हैं और वर्ष 2023 बैच की सब इंस्पेक्टर हैं। मेरठ में उनकी पहली तैनाती रोहटा थाने में हुई थी। नौकरी के दौरान वह कई महत्वपूर्ण पुलिस मामलों में ड्यूटी कर चुकी हैं।
मेरठ के चर्चित सौरभ हत्याकांड के दौरान भी अनु ब्रह्मपुरी थाने में तैनात थीं। बताया जाता है कि इस मामले में आरोपी मुस्कान की गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में भी वह शामिल थीं। बाद में उनका तबादला एसएसपी कार्यालय कर दिया गया था।

वायरल वीडियो ने बढ़ाई विभाग की परेशानी
महिला दरोगा से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला तेजी से पुलिस अधिकारियों तक पहुंचा। विभाग ने तत्काल संज्ञान लेते हुए निलंबन की कार्रवाई की। अब उनके सोशल मीडिया अकाउंट और वायरल हुए वीडियो को लेकर विभागीय जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जांच के दौरान सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो और महिला दरोगा की गतिविधियों की पड़ताल की जाएगी। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
खाकी और सोशल मीडिया का यह ‘कनेक्शन’ बना चर्चा का विषय
एक तरफ पुलिस की नौकरी में अनुशासन और आचरण को लेकर सख्त नियम हैं, वहीं दूसरी तरफ सोशल मीडिया आज पुलिसकर्मियों के लिए अपनी अलग पहचान बनाने का माध्यम भी बन चुका है। ऐसे में मेरठ का यह मामला इस बात को लेकर चर्चा में है कि पुलिसकर्मियों की सोशल मीडिया गतिविधियां किस हद तक विभागीय जिम्मेदारियों और आचरण के दायरे में आती हैं।
फिलहाल वायरल वीडियो के बाद महिला सब इंस्पेक्टर निलंबित हैं और विभागीय जांच चल रही है। अब सबकी नजर इस जांच के नतीजे पर है कि सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो को लेकर विभाग आगे क्या कार्रवाई करता है।
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