लखनऊ। प्रेमिका से ब्रेकअप के बाद अवसाद में आए प्रयागराज के मांडा थाना क्षेत्र के 20 वर्षीय युवक की जान उत्तर प्रदेश पुलिस ने महज सात मिनट में बचा ली। युवक ने आत्महत्या से जुड़ा वीडियो इंस्टाग्राम पर साझा किया था, जिसके बाद मेटा की ओर से पुलिस मुख्यालय को तत्काल चेतावनी संदेश मिला। सूचना मिलते ही पुलिस मुख्यालय ने युवक की लोकेशन का पता लगाकर प्रयागराज पुलिस को अवगत कराया। थाना मांडा पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और युवक को अस्पताल ले जाकर उसकी जान बचा ली।
पुलिस के अनुसार, 25 जुलाई 2026 की रात करीब 9:15 बजे पुलिस महानिदेशक मुख्यालय स्थित सोशल मीडिया केंद्र को मेटा की ओर से ई-मेल के माध्यम से सूचना मिली कि प्रयागराज के एक युवक ने आत्महत्या से संबंधित वीडियो इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया है। वीडियो में युवक सिंदूर के कई पैकेट खाता हुआ दिखाई दे रहा था और कह रहा था, “आज मर रहा हूं।”पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण के निर्देश पर सोशल मीडिया केंद्र ने उपलब्ध मोबाइल नंबर के आधार पर तत्काल युवक की लोकेशन का पता लगाया और कमिश्नरेट प्रयागराज को सूचना भेजी।
सूचना मिलते ही थाना मांडा के उपनिरीक्षक शिव कुमार गोयल और आरक्षी अमित यादव महज सात मिनट में युवक के घर पहुंच गए। वहां युवक के कमरे में सिंदूर के खाली पैकेट पड़े मिले और वह उल्टी करने का प्रयास कर रहा था। उसकी मानसिक स्थिति बेहद खराब थी। पुलिस ने बिना देर किए परिजनों की मदद से उसे नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां उपचार के बाद उसकी हालत सामान्य होने पर उसे घर भेज दिया गया।
पूछताछ में युवक ने बताया कि वह कबाड़ का काम करता है। वह एक युवती से प्रेम करता था और दोनों शादी की योजना बना रहे थे, लेकिन कुछ दिन पहले युवती ने उससे रिश्ता खत्म कर लिया। इसी सदमे और मानसिक तनाव के कारण उसके मन में आत्मघाती विचार आए और उसने यह कदम उठा लिया।बाद में पुलिस ने युवक की काउंसलिंग की, जिसके बाद उसने भविष्य में ऐसा कोई कदम न उठाने का भरोसा दिया। परिजनों ने समय पर पहुंचकर जान बचाने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस की तत्परता, संवेदनशीलता और मानवीय व्यवहार की सराहना की।
उत्तर प्रदेश पुलिस ने बताया कि वर्ष 2022 से मेटा और पुलिस के बीच ऐसी व्यवस्था लागू है, जिसके तहत फेसबुक या इंस्टाग्राम पर आत्महत्या से जुड़ी पोस्ट होने पर तत्काल पुलिस को सूचना भेजी जाती है। इस व्यवस्था के तहत 1 जनवरी 2023 से 15 जुलाई 2026 तक मिले चेतावनी संदेशों पर कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस 3,420 लोगों की जान बचा चुकी है। मेटा के साथ इस अभिनव पहल के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस को प्रतिष्ठित स्कॉच पुरस्कार-2025 और इकोनॉमिक टाइम्स गवटेक पुरस्कार-2026 से भी सम्मानित किया जा चुका है।
