लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती के लिए आयोजित होने वाली लिखित परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए शासन और पुलिस मुख्यालय पूरी तरह सतर्क हो गया है। इसी क्रम में मंगलवार को मुख्य सचिव एस.पी. गोयल और पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों, पुलिस आयुक्तों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों और पुलिस अधीक्षकों के साथ समीक्षा बैठक की।
किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी
बैठक में परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था, गोपनीयता, प्रशासनिक तैयारियों और निगरानी तंत्र की विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि परीक्षा की शुचिता और विश्वसनीयता बनाए रखने में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने कहा कि भर्ती परीक्षा प्रदेश के लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़ा विषय है, इसलिए सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी गंभीरता और पारदर्शिता के साथ करें। उन्होंने निर्देश दिए कि परीक्षा से संबंधित सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध ढंग से पूरी की जाएं तथा गोपनीय सामग्री की सुरक्षा में किसी प्रकार की चूक न हो।
अंदर और बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों को पूरी तरह क्रियाशील रहे
उन्होंने सभी स्ट्रांग रूम के अंदर और बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों को पूरी तरह क्रियाशील रखने, डबल लॉक और डबल गार्ड व्यवस्था सुनिश्चित करने, अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, निर्बाध बिजली आपूर्ति तथा इंटरनेट कनेक्टिविटी बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही भर्ती बोर्ड द्वारा सीसीटीवी की लाइव फीड के माध्यम से लगातार निगरानी किए जाने की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने को कहा गया।मुख्य सचिव ने यह भी स्पष्ट किया कि परीक्षा दिवस पर निर्धारित सीरीज की गोपनीय सामग्री ही परीक्षा केंद्रों तक पहुंचे, इसकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी नोडल अधिकारी (प्रशासन) की होगी। यदि इस संबंध में किसी स्तर पर कोई गड़बड़ी या लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
प्रत्येक स्तर पर सतर्कता, अनुशासन और समन्वय बेहद आवश्यक
पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने कहा कि इतनी बड़ी भर्ती परीक्षा को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए प्रत्येक स्तर पर सतर्कता, अनुशासन और समन्वय बेहद आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।डीजीपी ने कहा कि परीक्षा केंद्रों के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएं तथा किसी भी प्रकार की अफवाह, नकल माफिया या परीक्षा में व्यवधान उत्पन्न करने वाले तत्वों पर विशेष निगरानी रखी जाए। उन्होंने अभ्यर्थियों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, प्रमुख चौराहों और परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस एवं ट्रैफिक बल तैनात करने के निर्देश दिए, ताकि परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
लिखित परीक्षा 8, 9 और 10 जून 2026 को आयोजित की जाएगी
बैठक में उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के अध्यक्ष एस.बी. शिरडकर ने परीक्षा से जुड़ी तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि 32,679 आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर भर्ती के लिए लिखित परीक्षा 8, 9 और 10 जून 2026 को आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा प्रदेश के सभी 75 जनपदों में बनाए गए 1,183 परीक्षा केंद्रों पर संपन्न होगी।उन्होंने बताया कि परीक्षा प्रतिदिन दो पालियों में आयोजित की जाएगी। पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक होगी। भर्ती परीक्षा के लिए कुल 28,86,797 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जो इस भर्ती प्रक्रिया को प्रदेश की सबसे बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक बनाता है।प्रदेश सरकार और पुलिस मुख्यालय का लक्ष्य है कि परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और विवादमुक्त तरीके से संपन्न हो, ताकि योग्य अभ्यर्थियों का चयन सुनिश्चित किया जा सके और भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनी रहे।
यह भी पढ़े : यूपी में स्मार्ट मीटर पर बड़ा फैसला, उपभोक्ता खुद तय करेंगे प्रीपेड या पोस्टपेड मीटर
