रामपुर । शाहबाद कस्बे में गुरुवार सुबह दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां आर्थिक तंगी, बीमारी और मानसिक तनाव से जूझ रहे बर्तन व्यापारी Sunil Rastogi ने अपनी पत्नी Neha Rastogi के साथ लाइसेंसी राइफल से आत्महत्या कर ली। एक ही गोली से दोनों की मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।बताया जा रहा है कि 50 वर्षीय सुनील रस्तोगी लंबे समय से आर्थिक संकट और बीमारी से परेशान थे। उनकी पत्नी नेहा रस्तोगी ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित थीं, जबकि खुद सुनील गठिया की बीमारी से जूझ रहे थे। लगातार बढ़ते इलाज के खर्च और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बोझ ने उन्हें गहरे अवसाद में धकेल दिया था।

मामले में सबसे भावुक पहलू वह 15 पन्नों की डायरी बनी

गुरुवार सुबह करीब साढ़े सात बजे घर की पहली मंजिल से गोली चलने की आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर बेटा पीयूष और बेटी कृषि ऊपर पहुंचे तो कमरे में दोनों के शव खून से लथपथ पड़े मिले। मौके पर 315 बोर की लाइसेंसी राइफल और एक स्टील की रॉड भी बरामद हुई।सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। Anurag Singh ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में एक ही गोली से दोनों की मौत की पुष्टि हुई है। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि व्यापारी ने राइफल का ट्रिगर दबाने के लिए लोहे की रॉड का इस्तेमाल किया होगा।मामले में सबसे भावुक पहलू वह 15 पन्नों की डायरी बनी, जो पुलिस को कमरे से मिली।

डायरी में सुनील ने लिखा कि वह परिवार पर बोझ नहीं बनना चाहते थे

डायरी में सुनील ने अपनी मानसिक पीड़ा, पत्नी की बीमारी, आर्थिक संकट और बच्चों के भविष्य की चिंता का जिक्र किया है। उन्होंने अपने बेटे पीयूष को “श्रवण कुमार” बताते हुए लिखा कि बेटा पिछले डेढ़ साल से माता-पिता की सेवा में लगा था।डायरी में सुनील ने लिखा कि वह परिवार पर बोझ नहीं बनना चाहते थे। उन्होंने पत्नी को साथ ले जाने की बात लिखते हुए बच्चों से माफी मांगी और खुद को “बदनसीब पिता” बताया। साथ ही बेटी की शादी, कारोबार और संपत्ति से जुड़ी कई बातें भी डायरी में दर्ज कीं।Somendra Meena ने बताया कि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है, लेकिन अब तक की जांच और डायरी के आधार पर मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है।

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