लखनऊ। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड की ओर से विद्युत नियामक आयोग में दाखिल की गई रिपोर्ट ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि रिचार्ज के दो घंटे बाद भी करीब 1,93,143 उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति नहीं मिल सकी।

आयोग में लोक महत्व प्रस्ताव दाखिल कर मांग की थी

जानकारी के अनुसार, राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने मार्च माह में आयोग में लोक महत्व प्रस्ताव दाखिल कर मांग की थी कि जिन उपभोक्ताओं को रिचार्ज के दो घंटे के भीतर बिजली नहीं मिलती, उन्हें नियमों के तहत 50 रुपये प्रतिदिन का मुआवजा दिया जाए। इस पर आयोग ने पावर कॉरपोरेशन से रिपोर्ट तलब की थी।

रिपोर्ट में क्या सामने आया

पावर कॉरपोरेशन द्वारा दी गई रिपोर्ट के मुताबिक 13 मार्च से 10 अप्रैल 2026 के बीच करीब 40.27 लाख स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं के कनेक्शन नेगेटिव बैलेंस पर काटे गए। इनमें से 24.14 लाख उपभोक्ताओं ने रिचार्ज किया, जिनमें से 22.21 लाख को दो घंटे के भीतर बिजली मिल गई।हालांकि, 1.93 लाख उपभोक्ताओं को रिचार्ज के दो घंटे बाद भी बिजली आपूर्ति नहीं हो सकी। यह संख्या कुल उपभोक्ताओं का करीब 8 प्रतिशत है।

उपभोक्ता परिषद की मांग

राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने आयोग से मांग की है कि सभी प्रभावित उपभोक्ताओं को नियमों के तहत मुआवजा दिया जाए। उन्होंने कहा कि नियमानुसार दो घंटे में बिजली आपूर्ति न मिलने पर 50 रुपये प्रतिदिन का मुआवजा देना अनिवार्य है।उन्होंने यह भी कहा कि उपभोक्ताओं द्वारा शिकायत (1912 हेल्पलाइन) के बावजूद कई मामलों में कोई समाधान नहीं मिलता, इसलिए आयोग को स्वतः संज्ञान लेना चाहिए।

मुख्य बिंदु

1.93 लाख उपभोक्ताओं को समय पर बिजली नहीं मिली

40.27 लाख कनेक्शन नेगेटिव बैलेंस पर कटे

22.21 लाख को समय पर आपूर्ति मिली

उपभोक्ता परिषद ने मुआवजे की मांग की

आयोग ने पावर कॉरपोरेशन से रिपोर्ट मांगी थीओं को बिजली कटौती पर खुलासा, 1.93 लाख उपभोक्ताओं को समय पर नहीं मिली आपूर्ति

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