लखनऊ। राजधानी के विकासनगर सेक्टर-12 रिंग रोड किनारे बनी बस्ती में बुधवार शाम हुए भीषण अग्निकांड ने अब बेहद दर्दनाक रूप ले लिया है। आग की चपेट में आकर करीब 1200 झोपड़ियां जलकर राख हो गईं, वहीं इस हादसे में दो मासूम बच्चियों की मौत ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है।
दो मासूम बहनों की दर्दनाक मौत
पुलिस के मुताबिक मृत बच्चियां बाराबंकी जिले के रामसनेही घाट क्षेत्र के ग्राम काशीपुरवा निवासी सतीश की बेटियां थीं।
श्रुति (करीब 2 वर्ष)
2 माह की नवजात शिशु
दोनों बच्चियां आग की चपेट में आ गईं और जिंदा जल गईं। इस घटना ने पूरे इलाके में मातम का माहौल बना दिया है।
मस्जिदनुमा झोपड़ी से शुरू हुआ आग का कहर
बताया जा रहा है कि शाम करीब 5 बजे एक मस्जिदनुमा झोपड़ी में आग लगी, जो देखते ही देखते विकराल रूप लेती चली गई। बस्ती में रखे ज्वलनशील सामान और तेज हवाओं के कारण आग ने तेजी से 1200 झोपड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया।
सिलिंडर ब्लास्ट से मची भगदड़
आग के दौरान झोपड़ियों में रखे करीब 100 गैस सिलिंडर एक के बाद एक फटने लगे। जोरदार धमाकों से पूरा इलाका दहल उठा और भगदड़ मच गई। लोग अपने बच्चों और सामान को बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए।
दमकल की 22 गाड़ियों ने 7 घंटे में पाया काबू
सूचना मिलते ही दमकल विभाग की 22 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। अग्निशमन टीम ने करीब 7 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद रात 10 बजे तक आग पर काबू पाया।दमकल कर्मियों ने आग को चारों तरफ से घेरकर आसपास के पक्के मकानों तक फैलने से रोका, जिससे बड़ा नुकसान टल गया।
लापता बच्चों की तलाश, राहत कार्य जारी
हादसे के दौरान भगदड़ में कई बच्चे लापता हो गए थे, जिनकी तलाश में पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।फिलहाल इलाके में राहत कार्य जारी है और पीड़ित परिवारों के लिए खाने-पीने और रहने की व्यवस्था की जा रही है।
लोगों का आरोप—देरी से पहुंची मदद
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद पुलिस और दमकल समय पर नहीं पहुंची, जिससे आग ने विकराल रूप ले लिया। इसको लेकर मौके पर लोगों और पुलिस के बीच नोकझोंक और धक्का-मुक्की भी हुई।
ट्रैफिक जाम और हंगामा
घटना के दौरान लोग वीडियो बनाने में जुट गए, जिससे रास्ता जाम हो गया और दमकल की गाड़ियों को पहुंचने में दिक्कत हुई। रिंग रोड और आसपास के इलाकों में कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया।वहीं आक्रोशित लोगों ने प्लॉट मालिक पर आग लगवाने का आरोप लगाते हुए हंगामा और पथराव भी किया।
डिप्टी सीएम पहुंचे, दिए सख्त निर्देश
घटना की सूचना मिलते ही ब्रजेश पाठक मौके पर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों के साथ समीक्षा कर पीड़ितों के लिए राहत, भोजन और रहने की व्यवस्था के निर्देश दिए, साथ ही मामले की जांच के आदेश भी दिए।
विकासनगर का यह अग्निकांड सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि कई परिवारों के लिए जिंदगी भर का दर्द बन गया है। जहां एक तरफ दो मासूम जिंदगियां बुझ गईं, वहीं सैकड़ों लोग बेघर हो गए। फिलहाल प्रशासन राहत और जांच में जुटा है, लेकिन यह घटना कई गंभीर सवाल भी खड़े कर रही है।
