लखनऊ। लखनऊ के के.डी. सिंह बाबू स्टेडियम में आयोजित सांसद खेल महाकुंभ को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि खेलो इंडिया अभियान ने भारत के पारंपरिक खेलों को नई पहचान और प्रतिष्ठा दिलाई है। उन्होंने कहा कि गटका, मल्लखंब, थांग-टा, कलरीपयट्टू और योगासन जैसी विधाओं को बढ़ावा देने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है।
देश में लगभग 1000 खेलो इंडिया सेंटर स्थापित किए जा रहे
रक्षा मंत्री ने बताया कि देश में लगभग 1000 खेलो इंडिया सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं और करीब दो दर्जन नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भी बनाए गए हैं, जहां खिलाड़ियों को आधुनिक ट्रेनिंग और स्पोर्ट्स साइंस सपोर्ट दिया जा रहा है।उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में अब खेलों को एक विषय के रूप में शामिल किया गया है, जिससे खेलों के प्रति युवाओं की रुचि और बढ़ेगी। साथ ही राष्ट्रीय खेल विश्वविद्यालय की स्थापना से खेल शिक्षा को नई दिशा मिलेगी।
महिला खिलाड़ियों की भागीदारी में बड़ा बदलाव आया
राजनाथ सिंह ने कहा कि खेलो इंडिया कार्यक्रम से महिला खिलाड़ियों की भागीदारी में बड़ा बदलाव आया है और आज देशभर में वीमेन्स लीग के जरिए बेटियां शानदार प्रदर्शन कर रही हैं।उन्होंने कहा कि पिछले 10-12 वर्षों में देश में खेलों का माहौल पूरी तरह बदल गया है। अब गांवों से लेकर शहरों तक आधुनिक स्टेडियम और ट्रेनिंग सुविधाएं विकसित की जा रही हैं, जिससे युवा खिलाड़ियों को बेहतर अवसर मिल रहे हैं।इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक सहित कई मंत्री और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
