जौनपुर । उत्तर प्रदेश के जनपद जौनपुर में शुक्रवार दोपहर अचानक मौसम ने करवट ले ली। सुबह जहां तेज धूप खिली हुई थी, वहीं दोपहर बाद आसमान में काले बादल छा गए और शहर समेत जिले के कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश भी हुई है। धूल भरी आधी के कारण घंटी आवागमन प्रभावित रहा।लोग सड़कों के किनारे खड़े होकर आंधी का बंद होने का इंतजार करते रहे। इस बदलाव ने आमजन को राहत तो दी, लेकिन किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
किसानों को दी गई चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अचानक आई नमी और तापमान में उतार-चढ़ाव का सीधा असर रबी की फसलों पर पड़ सकता है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि बारिश तेज होती है या ओलावृष्टि होती है, तो खेतों में खड़ी गेहूं, सरसों, चना और अरहर की फसल को भारी नुकसान हो सकता है। कृषि वैज्ञानिक सुरेश कन्नौजिया ने किसानों को चेतावनी दी है कि इस तरह के मौसम में फसलों में फाइटॉफ्थोरा (फफूंद जनित रोग) का खतरा बढ़ जाता है, जिससे उत्पादन प्रभावित हो सकता है। वहीं, खेतों के साथ-साथ खलिहानों में रखी फसलें भी सुरक्षित नहीं हैं।
अचानक बदले मौसम ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी
सरसों, मटर, अगेती चना और मसूर जैसी फसलें खुले में मड़ाई के लिए रखी गई हैं, जिनके भीगने से गुणवत्ता और उत्पादन दोनों पर असर पड़ सकता है।बरसठी के किसान रमेश चंद्र और नेवढ़िया के उमाशंकर तिवारी ने बताया कि इस बार अच्छी पैदावार की उम्मीद थी, लेकिन अचानक बदले मौसम ने उनकी परेशानी बढ़ा दी है। किसानों का कहना है कि यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा, तो उनकी मेहनत पर पानी फिर सकता है। फिलहाल मौसम के इस बदले मिजाज ने किसानों को सतर्क रहने के लिए मजबूर कर दिया है।
