भदोही। यूपी में भदोही के अजयपुर गांव की बेटी नेहा सिंह ने वह कर दिखाया, जो हजारों युवाओं का सपना होता है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा में 40वीं रैंक हासिल कर नेहा ने न सिर्फ अपने परिवार, बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन कर दिया। साधारण परिवार में जन्मी नेहा के पिता कौशल कुमार सिंह ट्रक ड्राइवर हैं, जिन्होंने सीमित साधनों के बावजूद बेटी के सपनों को पंख दिए।
गांव की सड़कों पर निकली स्वागत यात्रा
सफलता की खबर जैसे ही गांव पहुंची, पूरा अजयपुर जश्न में डूब गया। डीजे और ढोल-नगाड़ों के साथ नेहा का भव्य स्वागत किया गया। गांव की सड़कों पर निकली स्वागत यात्रा में लोग फूल-मालाओं से उनका अभिनंदन करते नजर आए। नेहा कार की सनरूफ से खड़े होकर मुस्कुराते हुए सबका अभिवादन करती दिखीं—यह पल हर किसी के लिए गर्व से भरा था।
नेहा की सफलता का सफर आसान नहीं था
नेहा की सफलता का सफर आसान नहीं था। इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक करने के बाद उन्होंने दिल्ली में रहकर कठिन तैयारी की। पहले प्रयास में असफलता मिली, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। अपने सपनों को जिंदा रखते हुए दूसरे प्रयास में उन्होंने यह बड़ी सफलता हासिल कर ली।
उन्होंने खासतौर पर बेटियों की शिक्षा पर जोर दिया
नेहा कहती हैं कि उनकी इस उपलब्धि के पीछे उनके परिवार का त्याग और भरोसा सबसे बड़ी ताकत रहा। उन्होंने खासतौर पर बेटियों की शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि अगर मौका और समर्थन मिले, तो बेटियां हर मुकाम हासिल कर सकती हैं।नेहा सिंह की कहानी सिर्फ एक सफलता की कहानी नहीं, बल्कि हर उस बेटी के लिए प्रेरणा है जो बड़े सपने देखने का हौसला रखती है।
