लखनऊ । उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल कराने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बड़ी कार्रवाई की है। सीबीएसई बोर्ड द्वारा आयोजित जूनियर सेक्रेटरियेट असिस्टेंट समेत अन्य परीक्षाओं में फर्जीवाड़ा करने वाले गैंग के सरगना सहित कुल 9 आरोपियों को लखनऊ से गिरफ्तार किया गया है।
दिव्यांग दिखाकर परिजनों से वसूलते थे मोटी रकम
यह गिरोह फर्जी ‘पर्सन्स विद डिसेबिलिटीज’ (PWD) प्रमाण पत्र बनवाकर स्वस्थ अभ्यर्थियों को दिव्यांग दिखाता था और नियमों के विपरीत उन्हें स्क्राइबर (लेखक) उपलब्ध कराकर परीक्षा में नकल कराता था। इसके बदले में अभ्यर्थियों और उनके परिजनों से मोटी रकम वसूली जाती थी।एसटीएफ को खुफिया सूचना मिली थी कि लखनऊ के विकासनगर स्थित एक परीक्षा केंद्र पर यह गैंग सक्रिय है और फर्जी तरीके से अभ्यर्थियों के पेपर हल कराए जा रहे हैं।
मनीष काफी समय से चला रहा था अवैध नेटवर्क
इस सूचना पर एसटीएफ टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर छापेमारी की और मौके से 8 लोगों को हिरासत में लिया। बाद में पूछताछ के आधार पर एक अन्य आरोपी को गोरखपुर से पकड़कर कुल 9 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया।गिरफ्तार आरोपियों में झांसी, जालौन, सहारनपुर, अमेठी, दिल्ली और लखनऊ से जुड़े लोग शामिल हैं। पूछताछ में गैंग के सरगना मनीष मिश्रा ने स्वीकार किया कि वह पिछले काफी समय से इस अवैध नेटवर्क का संचालन कर रहा था। वह पेशेवर सॉल्वरों को स्क्राइबर बनाकर परीक्षा केंद्रों में प्रवेश दिलाता था, जो अभ्यर्थियों के प्रश्नपत्र हल कर देते थे।
एक कार और 6 फर्जी पीडब्ल्यूडी प्रमाण पत्र बरामद
एसटीएफ ने आरोपियों के पास से 13 मोबाइल फोन, 2 लैपटॉप, 2.70 लाख रुपये नकद, एक कार और 6 फर्जी पीडब्ल्यूडी प्रमाण पत्र बरामद किए हैं। इन दस्तावेजों का उपयोग परीक्षा में धोखाधड़ी करने के लिए किया जा रहा था।प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह झांसी, जालौन और आसपास के जिलों समेत अन्य राज्यों तक फैला हुआ था और बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे लाखों रुपये वसूलता था।
विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज
इस पूरे मामले में थाना विकासनगर, लखनऊ में विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और इसके नेटवर्क की गहन जांच कर रही है।यह कार्रवाई न सिर्फ परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने की दिशा में बड़ी सफलता मानी जा रही है, बल्कि ऐसे फर्जीवाड़े में शामिल गिरोहों के लिए कड़ा संदेश भी है।
