कन्नौज । यूपी के कन्नौज में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का लाभ लेने के लिए एक व्यक्ति द्वारा बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी की कोशिश की गई। तिर्वा कस्बा निवासी नीतू कुमार जो दो बच्चों के पिता हैं, ने अपनी मौसेरी बहन को कुछ समय के लिए दुल्हन बनाकर सामूहिक विवाह स्थल पर फेरे लेने पहुंचा। योजना के तहत विवाह कराने पर शासन की ओर से दुल्हन के बैंक खाते में 60 हजार रुपये, 25 हजार का गृहस्थी का सामान और आभूषण दिए जाते हैं। इस लालच में आकर नीतू कुमार ने धोखाधड़ी की योजना बनाई।
यह रहा पूरा घटना का क्रम
नीतू कुमार ने फतेहपुर जसोदा में रहने वाली अपनी मौसेरी बहन को थोड़ी देर के लिए दुल्हन बनने के लिए तैयार किया और फिर मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में अपना फर्जी पंजीकरण करवा लिया। सोमवार को शहर के पीएसएम डिग्री कॉलेज परिसर में आयोजित समारोह में वह दूल्हा बनकर और मौसेरी बहन दुल्हन के रूप में मंडप संख्या सात पर फेरे लेने के लिए बैठ गया। समारोह स्थल पर प्रशासन की ओर से साड़ी, कपड़ा, आभूषण और गृहस्थी का सामान भी रखवा दिया गया।
इस तरह से अधिकारियों को हुआ शक
फेरे लेने से कुछ देर पहले मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) रामकृपाल चौधरी को शिकायत मिली कि नीतू कुमार ने धोखाधड़ी कर योजना का लाभ लेने की कोशिश की है। जैसे ही पूछताछ शुरू हुई, नीतू कुमार अपनी मौसेरी बहन और करीबियों के साथ मौके से फरार हो गया।
लापरवाही का खुलासा
जांच में यह भी सामने आया कि योजना के लिए आवेदन की जांच करने वाले सचिव और समाज कल्याण विभाग के कर्मचारी पूरी तरह लापरवाह रहे। किसी भी आवेदन का सही सत्यापन नहीं किया गया था, जिससे धोखाधड़ी की संभावना बनी।
आगे की कार्रवाई
सीडीओ रामकृपाल चौधरी ने कहा है कि मामले की पूरी जांच कराकर नीतू कुमार और जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। समाज कल्याण विभाग और संबंधित अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में होगी।
योजना का मकसद
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों की शादी में सहायता करना है। शादी कराने पर दुल्हन को नकद राशि, गृहस्थी और आभूषण दिए जाते हैं। लेकिन इस मामले से योजना में सुरक्षा और सत्यापन प्रक्रिया में सुधार की जरूरत उजागर हुई है।
