लखनऊ । उत्तर प्रदेश पुलिस की तकनीक आधारित सतर्कता और मानवीय संवेदनशीलता का एक अनूठा उदाहरण सामने आया है। आत्महत्या जैसी गंभीर घटनाओं को रोकने के लिए शुरू की गई “मेटा सुसाइडल अलर्ट” पहल को देश के प्रतिष्ठित SKOCH Award-2025 और The Economic Times GovTech Awards-2026 से सम्मानित किया गया है।इस पहल के तहत 1 जनवरी 2023 से 15 मार्च 2026 के बीच कुल 2266 लोगों की जान बचाई जा चुकी है, जो इसे एक बेहद प्रभावी और जीवन रक्षक अभियान साबित करता है।

अात्महत्या का पोस्ट करने पर मेटा करता है पुलिस को अलर्ट

दरअसल, उत्तर प्रदेश पुलिस और Meta (फेसबुक व इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी) के बीच 2022 से एक विशेष व्यवस्था लागू है। इसके तहत यदि कोई व्यक्ति सोशल मीडिया पर आत्महत्या से जुड़ा पोस्ट या वीडियो अपलोड करता है, तो कंपनी तत्काल पुलिस मुख्यालय को ई-मेल और फोन के जरिए अलर्ट भेजती है। इसके बाद पुलिस लोकेशन ट्रेस कर मौके पर पहुंचकर व्यक्ति की जान बचाने का प्रयास करती है।

सुल्तानपुर में 15 मिनट में बचाई युवती की जान

19 मार्च 2026 को सुल्तानपुर की 19 वर्षीय युवती ने इंस्टाग्राम पर चूहेमार दवा पीते हुए वीडियो पोस्ट किया और लिखा—“भगवान जी बुला लो अपने पास।” शाम 6:55 बजे अलर्ट मिलते ही पुलिस हरकत में आई। डीजीपी राजीव कृष्ण के निर्देश पर सोशल मीडिया सेंटर ने तत्काल लोकेशन ट्रेस कर थाना जयसिंहपुर पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम महज 15 मिनट में युवती के घर पहुंच गई।

समय रहते उपचार मिलने से युवती की बची जान

मौके पर युवती की हालत गंभीर थी, लेकिन पुलिस ने परिजनों की मदद से प्राथमिक उपचार कर उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां समय रहते इलाज मिलने से उसकी जान बच गई। पूछताछ में सामने आया कि प्रेम संबंध और शादी में आ रही बाधाओं के चलते वह मानसिक तनाव में थी। पुलिस ने काउंसलिंग कर उसे समझाया, जिसके बाद युवती ने भविष्य में ऐसा कदम न उठाने का भरोसा दिया।

कौशांबी में 10 मिनट में पहुंची पुलिस, युवक को बचाया

इसी दिन कौशांबी के 18 वर्षीय युवक ने इंस्टाग्राम पर “आज मेरा आखिरी दिन है” लिखकर वीडियो पोस्ट किया। दोपहर 1:12 बजे अलर्ट मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई।थाना मंझनपुर पुलिस मात्र 10 मिनट में युवक के घर पहुंची और उसे आत्महत्या करने से पहले ही रोक लिया। पूछताछ में युवक ने पारिवारिक विवाद को कारण बताया। पुलिस ने उसकी काउंसलिंग की, जिसके बाद उसने भी भविष्य में ऐसा कदम न उठाने का आश्वासन दिया।

तकनीक और संवेदनशीलता का बेहतरीन मेल

“मेटा सुसाइडल अलर्ट” पहल ने यह साबित कर दिया है कि अगर तकनीक का सही उपयोग किया जाए, तो कई जिंदगियों को बचाया जा सकता है। त्वरित प्रतिक्रिया, लोकेशन ट्रेसिंग और काउंसलिंग के जरिए यूपी पुलिस न सिर्फ अपराध नियंत्रण बल्कि मानव जीवन की रक्षा में भी अहम भूमिका निभा रही है।इस पहल को मिले राष्ट्रीय पुरस्कार इस बात का प्रमाण हैं कि उत्तर प्रदेश पुलिस की यह रणनीति देशभर के लिए एक मिसाल बन चुकी है।

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