एसएमयूपीन्यूज, लखनऊ ।  उत्तर प्रदेश सरकार राज्य कर्मचारियों की तर्ज पर अब शिक्षकों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को लोकभवन में होने वाली कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने की संभावना है।

इस सुविधा को आयुष्मान भारत योजना की तरह लागू करने की

इस योजना के लागू होने से प्रदेश के 8 लाख से अधिक शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक और रसोइये लाभान्वित होंगे। सरकार की तैयारी इस सुविधा को आयुष्मान भारत योजना की तरह लागू करने की है, ताकि लाभार्थियों को इलाज के लिए अस्पतालों में एक भी पैसा नकद न देना पड़े और पूरा उपचार कैशलेस तरीके से हो सके।

शिक्षक दिवस पर हुई थी घोषणा

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते वर्ष 5 सितंबर (शिक्षक दिवस) के अवसर पर शिक्षकों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की घोषणा की थी। अब इस घोषणा को अमलीजामा पहनाने के लिए प्रस्ताव कैबिनेट के समक्ष रखा जा रहा है।

कैबिनेट में अन्य अहम प्रस्ताव भी संभव

सूत्रों के अनुसार, कैबिनेट बैठक में अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर भी फैसला हो सकता है। इनमें—लखीमपुर खीरी में नाव पलटने की घटना से प्रभावित ग्रामीणों को आवास उपलब्ध कराने का प्रस्ताव,आवास विभाग की वाह्य विकास शुल्क प्रणाली में सुधार के लिए ‘उप्र नगर योजना और विकास (विकास शुल्क) उद्ग्रहण, संग्रहण नियमावली, 2026’,तथा ‘उप्र शहरी पुनर्विकास नीति, 2026’ को मंजूरी दिए जाने की संभावना शामिल है।

कैशलेस इलाज से मिलेगा बड़ा लाभ

सरकार का मानना है कि कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू होने से शिक्षकों व शिक्षा से जुड़े कर्मियों को इलाज के दौरान आर्थिक परेशानियों से राहत मिलेगी और उन्हें गुणवत्तापूर्ण उपचार आसानी से उपलब्ध हो सकेगा।

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