वाशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंचता दिख रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के मौजूदा हालात को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि तेहरान की सरकार ने सभी सीमाएं लांघ दी हैं और अब हालात ऐसे हो गए हैं कि चुप रहना संभव नहीं है।

सैन्य कार्रवाई के सभी विकल्पों पर विचार

रविवार को मीडिया से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि ईरान में लगातार निर्दोष लोगों की जान जा रही है और वहां की सत्ता हिंसा के बल पर शासन चला रही है। उन्होंने संकेत दिए कि अमेरिकी सेना ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के बेहद सख्त और प्रभावी विकल्पों पर गंभीरता से विचार कर रही है।ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने कहा, “ईरान की मौजूदा सरकार ने सारी हदें पार कर दी हैं। अब फैसला लेने का समय आ चुका है। निर्दोष नागरिकों की हत्या किसी भी हाल में स्वीकार नहीं की जा सकती।” उन्होंने ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई का नाम लिए बिना शासन की कार्यशैली पर सीधा हमला बोला।

स्टारलिंक से इंटरनेट बहाली की तैयारी

अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी आरोप लगाया कि ईरान ने देशभर में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं, ताकि विरोध प्रदर्शनों की आवाज को दबाया जा सके। इस पर ट्रंप ने कहा कि वह टेस्ला और स्पेसएक्स प्रमुख एलन मस्क से बातचीत कर ईरान में स्टारलिंक सैटेलाइट इंटरनेट सेवा उपलब्ध कराने के विकल्पों पर चर्चा करेंगे, ताकि प्रदर्शनकारियों को बाहरी दुनिया से जोड़ा जा सके।

हमले की धमकियों पर ट्रंप ने सख्त चेतावनी

ईरान की ओर से संभावित हमले की धमकियों पर ट्रंप ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि ईरान ने अमेरिका या उसके हितों के खिलाफ कोई कदम उठाया, तो उसे अब तक की सबसे बड़ी सैन्य कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप के इन बयानों के बाद पश्चिम एशिया में हालात और ज्यादा तनावपूर्ण हो सकते हैं। अमेरिका का यह आक्रामक रुख आने वाले दिनों में वैश्विक राजनीति को नई दिशा दे सकता है।

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