प्रयागराज।उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भ्रष्टाचार के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एसीबी), उत्तर प्रदेश द्वारा लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण के निर्देशों के अनुपालन में भ्रष्टाचार निवारण संगठन, प्रयागराज इकाई ने गुरुवार को बड़ी ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया।
एसीबी प्रयागराज को प्रवीण रामपाल सिंह, निवासी ग्राम रोही, थाना ऊँच, जनपद भदोही (हाल पता उस्तापुर, थाना झूंसी, प्रयागराज) ने शिकायत दी थी कि उसे आवंटित कार्यों को शुरू कराने और स्थल दिखाने के नाम पर नगर पालिका परिषद वेल्हा, प्रतापगढ़ में तैनात लिपिक द्वारा अवैध धनराशि की मांग की जा रही है।
शिकायत की पुष्टि के बाद रची गई ट्रैप योजना
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए भ्रष्टाचार निवारण संगठन ने मामले की गोपनीय जांच कराई। प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने पर निरीक्षक श्रीमती अंजली यादव के नेतृत्व में ट्रैप टीम का गठन किया गया। पूर्व नियोजित योजना के तहत टीम ने आरोपी को रंगे हाथ पकड़ने के लिए जाल बिछाया।
87,500 रुपये की रिश्वत लेते ही दबोचा गया लिपिक
09 जनवरी 2026 को ट्रैप कार्रवाई के दौरान नगर पालिका परिषद वेल्हा, प्रतापगढ़ में कार्यरत लिपिक प्रशांत सिंह (पुत्र स्व. जंग बहादुर सिंह), निवासी 81 अजीतनगर पड़ाव वार्ड, थाना कोतवाली नगर, जनपद प्रतापगढ़ को शिकायतकर्ता से 87,500 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया। मौके पर ही रिश्वत की रकम बरामद की गई।
कानूनी कार्रवाई जारी,भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश
एसीबी टीम द्वारा आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। आरोपी से पूछताछ के दौरान यह भी जांच की जा रही है कि इस मामले में कोई अन्य अधिकारी या कर्मचारी भी संलिप्त है या नहीं।भ्रष्टाचार निवारण संगठन के अधिकारियों ने कहा कि प्रदेश सरकार की नीति के अनुरूप भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। सरकारी कामों के नाम पर रिश्वत मांगने या लेने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।
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