एसएमयूपीन्यूज, लखनऊ ।  उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को जीएसटी चोरी के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। एसटीएफ फील्ड इकाई नोएडा ने दिल्ली–एनसीआर क्षेत्र से एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो बोगस फर्मों के पंजीकरण के जरिए फर्जी इनवॉइस और ई-वे बिल बनाकर सरकार को 100 करोड़ रुपये से अधिक का चूना लगा चुके हैं।

एसटीएफ के अनुसार, यह गिरोह फर्जी दस्तावेजों के सहारे नकली फर्में खड़ी करता था और फिर इन फर्मों के माध्यम से इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) को वास्तविक कंपनियों को बेचकर बड़े पैमाने पर जीएसटी चोरी कर रहा था।

कैसे हुआ खुलासा

एसटीएफ के पुलिस उपाधीक्षक प्रमेश कुमार शुक्ल ने बताया कि काफी समय से दिल्ली–एनसीआर क्षेत्र में सक्रिय एक गिरोह द्वारा जीएसटी चोरी की लगातार सूचनाएं मिल रही थीं। इनपुट के सत्यापन और तकनीकी निगरानी के बाद शुक्रवार को एसटीएफ टीम ने कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपी

हरदीप सिंह उर्फ प्रिंस – निवासी नई दिल्ली

जितेंद्र झा – निवासी नई दिल्ली

पुनीत अग्रवाल – निवासी पश्चिम विहार, नई दिल्ली

शिवम – निवासी नई दिल्ली

बरामदगी

गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से

02 लैपटॉप

09 मोबाइल फोन

03 आधार कार्ड

55,840 रुपये नकद

बरामद किए गए हैं। इन उपकरणों में फर्जी इनवॉइस, ई-वे बिल और बोगस फर्मों से जुड़े अहम डिजिटल साक्ष्य मिलने की संभावना है।

पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे बोगस फर्मों के नाम पर फर्जी इनवॉइस और ई-वे बिल जारी कर वास्तविक कंपनियों को इनपुट टैक्स क्रेडिट उपलब्ध कराते थे, जिससे कंपनियों को अवैध लाभ मिलता था और सरकार को भारी राजस्व हानि होती थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह अब तक 100 करोड़ रुपये से अधिक की जीएसटी चोरी कर चुका है।

आगे की कार्रवाई

एसटीएफ का कहना है कि गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों, बोगस फर्मों और लाभ उठाने वाली कंपनियों की पहचान की जा रही है। डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच के बाद जीएसटी विभाग के साथ समन्वय कर कानूनी कार्रवाई और रिकवरी की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

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