एसएमयूपीन्यूज, लखनऊ । उत्तर प्रदेश में चुनाव आयोग ने राज्य की अंतिम मतदाता सूची 6 मार्च 2026 को जारी करने की तैयारी पूरी कर ली है। सीईओ नवदीप रिणवा के अनुसार, इस बार लगभग 1.04 करोड़ मतदाताओं को नोटिस भेजा जाएगा, क्योंकि उनके रिकॉर्ड का मिलान वर्ष 2003 की मतदाता सूची से नहीं हो सका है।
12 दस्तावेजों में से किसी एक को प्रस्तुत करना होगा
नोटिस प्राप्त मतदाताओं को अपने नाम की पुष्टि के लिए मान्य 12 दस्तावेजों में से किसी एक को प्रस्तुत करना होगा। जिन लोग दस्तावेज पेश नहीं कर पाएंगे, उनके नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल नहीं होंगे।
राज्य की अंतिम मतदाता सूची में सभी 75 जिले और 403 विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। इस प्रक्रिया में कुल 1,72,486 बूथ और मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के 5,76,611 बूथ स्तरीय एजेंटों की मदद ली गई।
यदि किसी मतदाता का नाम मसौदा सूची में नहीं है या परिवार के किसी गैर-मौजूद सदस्य का नाम दर्ज है, तो वे चुनाव आयोग के समक्ष दावा और आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। इस कार्य के लिए समयसीमा 6 फरवरी 2026 तय की गई है। दावों और आपत्तियों का निपटारा आयोग 27 फरवरी तक करेगा।
मतदाता बनने या नाम जोड़ने/सुधारने के लिए निम्न फॉर्म उपलब्ध
फॉर्म 6: नए मतदाताओं के लिए आवेदन
फॉर्म 6क: विदेश में रहने वाले नागरिकों के लिए, यदि उन्होंने वहां की नागरिकता नहीं ली है
फॉर्म 7: सूची में नाम हटाने या जोड़ने के खिलाफ आपत्ति दर्ज करने के लिए
फॉर्म 8: पता परिवर्तन, प्रविष्टियों में सुधार, EPIC प्रतिस्थापन और दिव्यांग चिह्नांकन के लिए
इन फॉर्म को स्थानीय निर्वाचन कार्यालय या वेबसाइट ceouttarpradesh.nic.inसे प्राप्त किया जा सकता है।
ऑनलाइन इस प्रकार से करें जांच
मतदाता अपनी स्थिति ऑनलाइन भी जांच सकते हैं। इसके लिए voters.eci.gov.in
पोर्टल पर जाकर “Search in Electoral Roll” में नाम, पिता का नाम या वोटर आईडी (EPIC) दर्ज किया जा सकता है। इसके अलावा, वोटर हेल्पलाइन एप और स्थानीय बूथ स्तरीय अधिकारी (BLO) से भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।नोटिस प्राप्त मतदाताओं के नाम गृह विभाग को नहीं भेजे जाएंगे, लेकिन आयोग इनका विवरण सार्वजनिक करेगा।
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