एसएमयूपीन्यूज, लखनऊ ।उत्तर प्रदेश के कानपुर जिला कारागार से हत्या के मामले में विचाराधीन बंदी के फरार होने की सनसनीखेज घटना के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है। घटना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए डीजी जेल पीसी मीणा ने जेलर मनीष कुमार, डिप्टी जेलर रंजीत यादव और हेड वार्डर नवीन कुमार मिश्रा समेत कुल चार जेलकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
कानपुर रेंज डीआईजी ने जांच के दिए आदेश
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को कानपुर जिला कारागार में बंद हत्या का आरोपी असरुद्दीन संदिग्ध परिस्थितियों में जेल से फरार हो गया। फरार होने का तरीका और इसमें संभावित लापरवाही की गंभीरता को देखते हुए डीजी जेल ने सख्त रुख अपनाया। मामले की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर यह माना जा रहा है कि सुरक्षा में भारी चूक हुई है।वहीं, कानपुर रेंज के डीआईजी जेल प्रदीप गुप्ता ने भी इस घटना पर कड़ा संज्ञान लेते हुए विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं।
एक बार फिर जेल सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए
उन्होंने संबंधित अधिकारियों से पूरी घटना की रिपोर्ट जल्द से जल्द प्रस्तुत करने को कहा है, ताकि दोषियों की जिम्मेदारी तय कर आगे की कार्रवाई की जा सके।घटना के बाद से जेल प्रशासन में अफरा-तफरी का माहौल है। पुलिस और जेल सुरक्षा बल की टीमें फरार बंदी की तलाश में जुटी हुई हैं। इस मामले ने एक बार फिर जेल सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर उन जेलों में जहां गंभीर अपराधी बंद हैं।
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