एसएमयूपीन्यूज, लखनऊ । पत्रकार राघवेंद्र बाजपेयी हत्याकांड में लंबे समय से फरार चल रहे दो इनामी शूटरों को आखिरकार पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया है। एक-एक लाख रुपये के इनामी बदमाश संजय तिवारी उर्फ अकील खान और राजू तिवारी उर्फ रिजवान की गुरुवार सुबह पिसावां इलाके में एसटीएफ और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के दौरान मौत हो गई।
जवाबी कार्रवाई में दोनों को गोली लगी
दोनों अपराधी बाइक से भागने की कोशिश कर रहे थे, जब उन्हें रुकने का इशारा किया गया तो उन्होंने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों को गोली लगी। गंभीर रूप से घायल दोनों को जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
आठ मार्च पत्रकार राघवेंद्र बाजपेयी की गोली मारकर की थी हत्या
पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल के अनुसार, पिसावां-महोली मार्ग पर चल रही तलाशी के दौरान यह मुठभेड़ हुई। दोनों बदमाश अटवा (मिश्रित) के रहने वाले थे और उन पर हत्या, हत्या के प्रयास सहित कई गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज थे।गौरतलब है कि इसी वर्ष 8 मार्च को दोपहर तीन बजे, महोली क्षेत्र में स्थित हेमपुर ओवरब्रिज पर पत्रकार राघवेंद्र बाजपेयी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। प्रारंभिक जांच में यह मामला सुनियोजित साजिश का हिस्सा निकला।
राघवेंद्र बाजपेयी की पत्नी ने अपनी नाराजगी जाहिर की
34 दिन बाद पुलिस ने इस हत्याकांड का खुलासा करते हुए एक मंदिर के पुजारी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया था।पुलिस के अनुसार, हत्या में कुल पांच आरोपी शामिल थे, जिनमें से ये दोनों शूटर फरार चल रहे थे। उनकी तलाश में एसटीएफ की सात टीमों और क्राइम ब्रांच की तीन टीमों को लगाया गया था।हालांकि, इस मुठभेड़ के बाद भी राघवेंद्र बाजपेयी की पत्नी ने अपनी नाराजगी जाहिर की है। उनका कहना है कि यह कार्रवाई पर्याप्त नहीं है और उन्हें अब भी न्याय की पूरी उम्मीद है।
यह भी पढ़े : धर्मांतरण के काले कारोबार’ का हिसाब देगा नवीन रोहरा, ईडी की रिमांड शुरू
यह भी पढ़े : गांजा तस्करी गिरोह का सरगना लखनऊ से गिरफ्तार, 39.25 लाख का गांजा बरामद
यह भी पढ़े : झारखंड के पूर्व सीएम शिबू सोरेन का निधन, गंगा राम अस्पताल में ली अंतिम सांस
यह भी पढ़े : खाली प्लॉट में मिले तीन मासूमों के शव, गांव में मचा कोहराम, हत्या की आशंका
यह भी पढ़े : रक्षाबंधन पर सीएम योगी का तोहफा, महिलाओं को रोडवेज बसों में मिलेगी मुफ्त यात्रा
