एसएमयूपीन्यूज, लखनऊ । राजधानी में गुडंबा थाना क्षेत्र के आदिलनगर में रहने वाले उरई जनपद में तैनात दरोगा संजय कुमार पाठक की अचानक तबीयत बिगड़ने से सोमवार रात मृत्यु हो गई। परिजनों ने जब यह सूचना पाई तो मंगलवार सुबह पोस्टमार्टम हाउस पर उनका पार्थिव शरीर लेने पहुंचे, लेकिन वहां दो परिवारों के बीच जोरदार टकराव हो गया। पुलिस ने पहुंचकर किसी तरह से समझा बुझााकर मामले को शांत कराया।

दरोगा की पहली पत्नी जैनपुर में रहती है बच्चों के साथ

दरअसल, दरोगा संजय पाठक का निजी जीवन विवादों से घिरा था। मूल रूप से जौनपुर के मछलीशहर निवासी संजय की पहली पत्नी चंद्रकुमारी पाठक अपने चार बच्चों के साथ जौनपुर में रहती हैं, जबकि संजय लखनऊ में दूसरी पत्नी आराधना अंसारी और उनके दो बेटों के साथ रह रहे थे। बताया जा रहा है कि उन्होंने वर्ष 2016 में आराधना से दूसरी शादी की थी।

पोस्टमार्टम हाउस पर हाथापाई तक पहुंच गई थी बात

पोस्टमार्टम हाउस पर शव की सुपुर्दगी को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखा विवाद हो गया, जो बाद में हाथापाई तक पहुंच गया। पुलिस को बीच-बचाव कर मामला शांत कराना पड़ा। अंततः शव को दरोगा के पिता दयाशंकर पाठक के हवाले कर दिया गया, जो पार्थिव शरीर को लेकर जौनपुर रवाना हो गए।पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। डॉक्टरों ने हार्ट व अन्य अंगों के नमूने सुरक्षित रखे हैं, जिनकी जांच की जाएगी।

पहली पत्नी के बेटे ने लगाए गंभीर आरोप

इस बीच, पहली पत्नी के बेटे आशीष ने गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि संजय ने बिना तलाक लिए दूसरी शादी की थी, जिसकी शिकायत पहले ही उरई के पुलिस अधीक्षक से की गई थी। उन्होंने दूसरी पत्नी आराधना पर अपने पिता को स्लो पॉइजन देने का आरोप भी लगाया है। वहीं आराधना का कहना है कि दरोगा की मौत स्वास्थ्य कारणों से हुई है और उन पर लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं।

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