लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस के कार्यवाहक डीजीपी प्रशांत कुमार को छह माह का सेवा विस्तार दिए जाने की चर्चाएं जोर पकड़ रही हैं। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार ने इस संबंध में केंद्र सरकार को पत्र भेजकर उनके कार्यकाल को बढ़ाने का अनुरोध किया है। हालांकि इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन शासन और पुलिस महकमे के गलियारों में यह विषय चर्चा का केंद्र बना हुआ है।

अब अंतिम निर्णय केंद्र सरकार के हाथ में

प्रशांत कुमार 31 मई 2025 को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। वे पिछले 16 माह से डीजीपी के रूप में कार्य कर रहे हैं और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विश्वस्त अधिकारियों में गिने जाते हैं। माना जा रहा है कि इसी कारण राज्य सरकार उन्हें बनाए रखने के पक्ष में है, लेकिन अंतिम निर्णय केंद्र सरकार को लेना है।

पूर्व में डीजी फायर सर्विस का मांगा गया था सेवाविस्तार

यह पहला मामला नहीं है, जब सेवा विस्तार का प्रस्ताव केंद्र के पास गया हो। पूर्व में डीजी फायर सर्विस अविनाश चंद्र ने महाकुंभ की तैयारियों को देखते हुए सेवा विस्तार मांगा था, जो स्वीकृत नहीं हो सका। वहीं पूर्व मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा को सेवा विस्तार दिया जा चुका है, जिससे उम्मीद की जा रही है कि प्रशांत कुमार के मामले में भी केंद्र सकारात्मक रुख अपना सकता है।

31 मई को यह भी हो रहे सेवानिवृत्त

प्रशांत कुमार के साथ 31 मई को डीजी जेल पीवी रामाशास्त्री, डीजी टेलीकॉम संजय एम. तरडे, आईजी भारती सिंह, डीआईजी किरन यादव, डॉ. अरविंद चतुर्वेदी और तेज स्वरूप सिंह जैसे वरिष्ठ अधिकारी भी सेवानिवृत्त हो रहे हैं। ऐसे में अगर प्रशांत कुमार को सेवा विस्तार मिलता है, तो पुलिस महकमे में नेतृत्व की निरंतरता बनी रह सकती है, जो आगामी आयोजनों और कानून-व्यवस्था के लिहाज से अहम होगा।अब सबकी निगाहें केंद्र सरकार के संभावित फैसले पर टिकी हैं।

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